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शांतिधारा:जैन समाज ने पर्युषण पर्व में अभिषेक, शांतिधारा और दशलक्षण महामंडल विधान की पूजा की

टोंक6 दिन पहले
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  • श्री दिगंबर जैन नसिया अमीरगंज टोंक व मेहंदवास स्थित श्री चन्द्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में हुए कार्यक्रम

श्री दिगंबर जैन नसिया अमीरगंज टोंक व मेहंदवास स्थित श्री चन्द्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में पर्युषण पर्व के तीसरे दिन भगवान का अभिषेक, शांतिधारा व दशलक्षण विधान की पूजा की गई। अमीरगंज जैन नसिया में श्रद्धालुओं ने सुबह क्षीरसागर से जल लाकर भगवान का अभिषेक किया। इसके बाद आदिनाथ भगवान एवं शांतिनाथ भगवान पर वृहत शांतिधारा का आयोजन हुआ। आचार्य विद्यासागर, वर्धमान सागर, आचार्य वैराग्यनंद महाराज, सुधासागर महाराज, विशुद्धमति माताजी के अर्घ्य समर्पित किए गए।

समाज के प्रवक्ता पवन कंटान और कमल सर्राफ ने बताया कि शाम को आरती, प्रश्नमंच, शास्त्र ज्ञान, शास्त्रों का अध्ययन एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता का हुआ। बडा तख्ता जैन मंदिर में अभिषेक, शांतिधारा के पश्चात सामूहिक पूजन का हुआ।मेहंदवास स्थित जैन मंदिर में रविवार को आचार्य इन्द्रनंदी के सान्निध्य में उत्तम आर्जव धर्म की पूजा की गई। समिति से जुड़े राजेश जैन ने बताया कि कार्यक्रम में प्रवचन करते हुए मुनि इन्द्रनंदी महाराज ने कहा कि धर्म से ही मनुष्य का जीवन सफल बन सकता है। मनुष्य काे धर्म में लीन रहते हुए यथासंभव दान करना चाहिए। जिले समेत नैंनवा, ब्यावर, जयपुर, सावर, शिकोहाबाद आदि क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने भगवान की पूजा की। इस मौके पर समिति अध्यक्ष कमलेश जैन, मंत्री वीरेंद्र संघी, महावीर प्रसाद, मुकेश जैन, अशोक जैन समेत कई श्रद्धालु मौजूद रहे। चन्द्रप्रभु भगवान के अभिषेक कर उत्तम आर्जव धर्म की पूजा कीटोंक।

शहर के काफला क्षेत्र स्थित जैन चैत्यालय में पर्युषण पर्व के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने अभिषेक के चन्द्रप्रभु भगवान के अभिषेक कर उत्तम आर्जव धर्म की पूजा की। इन्द्रमल जैन कलई वाले ने बताया कि इसके बाद पंचमेरू दशलक्षण महामंडल विधान का आयोजन हुआ। इसमें अर्घ्य समर्पित किए गए। पंडित राजीव कुमार शास्त्री ने बताया कि यह धर्म हमें मायाचारी भाव को छोड़कर सरलता धारण करने को कहता है। श्रद्धालु रमेश जैन ने बताया कि रात को मंगलाचरण, आरती, शास्त्र प्रवचन व प्रश्नमंत्र का आयोजन हाेता है। इस मौके पर लालचंद, पारस, राेहित, दीपक, कुणाल आदि मौजूद रहे। इसी प्रकार पुरानी टोंक स्थित आदिनाथ भगवान मंदिर में शांतिधारा व कलश अभिषेक कर दशलक्षण विधान का आयोजन हुआ। इसमें संतराजैन, मंजू जैन, सीमा जैन, अनिता आदि महिलाओं ने दशलक्षण विधान में हिस्सा लिया।आर्जव धर्म की पूजा कीमोर|गांव पंवालिया, उनियारा खुर्द, दतोब सहित अन्य गांवों के जिनालयों में रविवार को उत्तम आर्जव धर्म की पूजा की। अध्यक्ष बसंतीलाल जैन ने बताया कि मंत्रोच्चार से आर्जव धर्म की पूजा करवाई गई। इस मौके पर श्रीजी का अभिषेक, शांितधारा, विधानमण्डल का आयोजन किया गया।

उन्होंने बताया कि जीवन में हमेशा प्रसन्नचित रूपी रथ पर सवार हो कर जीना ही आर्जव धर्म है।विधानों में कई प्रकार की पूजापीपलू|दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन जैन धर्मावलंबियों ने उत्तम आर्जव धर्म को अंगीकार किया। उपखंड क्षेत्र के बगड़ी, झिराना एवं पीपलू के जिनालयों में विधानों के साथ कई प्रकार की पूजा की गई। कस्बे के चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण मंडल विधान में सर्वप्रथम भगवान चंद्रप्रभु की पूजा एवं अभिषेक किया गया। विधान में सौधर्म इंद्र बने पदमचंद जैन, धनपति कुबेर इंद्र मुकेश कुमार हलवाई, यज्ञनायक पारसमल आदि पीत वस्त्रधारी श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिषेक किया। पंडित अंशकुमार, ऋषि कुमार के निर्देशन में नित्य नियम की पूजा एवं दशलक्षण धर्म की पूजा की । विधान की कई प्रकार की पूजा की गई। पंडित अंशकुमार ने विधान का महत्व बताया और श्रद्धालुओं ने भक्ति नृत्य करके अपनी भावना प्रदर्शित की। सायंकालीन श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती की।

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