बुलंदियों पर पहुंचकर भी टोंक से जुड़े रहे फिल्मस्टार इरफान:नवाबी खानदान में है इरफान का ननिहाल, आज सालगिरह अब यादों में खान

टोंक16 दिन पहले
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टोंक में अपने मामू और अन्य रिश्तेदार के साथ फिल्मस्टार इरफान खान। - Dainik Bhaskar
टोंक में अपने मामू और अन्य रिश्तेदार के साथ फिल्मस्टार इरफान खान।

फिल्मी दुनिया में नवाबी नगरी का नाम रोशन करने वाले फिल्म अभिनेता स्वर्गीय इरफान खान की आज सालगिरह है। बुलंदियों पर पहुंचकर भी वे टोंक को नहीं भूले थे। उन्हें जब भी फिल्मों से टाइम मिलता तो वे नवाबी खानदान टोंक में अपने ननिहाल आना नहीं भूलते थे। यहां वे टोंक के विकास, युवाओं को फिल्मी दुनिया में ले जाने, टोंक को फिल्मी दुनिया से जोड़ने के सपने संजोते थे। ये ही नहीं वे रिश्तेदारों और क्रिकेट, पतंगबाजी, गिल्ली-डंडे खेल के साथी हो, सबसे बड़े प्यार से मिलते थे। उनकी इस यारी को देखकर बचपन के साथियों को लगता ही नहीं था कि इरफान खान इतने बड़े फिल्म स्टार है, लेकिन डेढ़ साल पहले हुए उनके निधन से ये सब यादें बनकर रह गई है।

राजस्थान की एक मात्र मुस्लिम रियासत रही टोंक के नवाबी खानदान में 7 जनवरी 1967 में जन्मे इरफान खान के परिवार की स्थितियां भी नवाबी खानदान की जागीरे जब्त होने के बाद ठीक नहीं रही थी। अच्छे रोजगार को लेकर उनके पिता टोंक से जयपुर चले गए थे। तब इरफान खान नाबालिग थे। जयपुर में उनके पिता ने टायर रिमोड का काम शुरू किया। इसमें इरफान खान भी उनका हाथ बटाते थे, लेकिन उनका सपना था कि वो क्रिकेट में देश का नाम रोशन करे। हालांकि उन्हें अभिनय में काफी रुचि थी। इन दोनों ही क्षेत्रों में मुकाम में बनाना चाहते थे। जो कि ऐसे पारिवारिक हालात के चलते इतना आसान भी नहीं था, लेकिन संघर्ष और जुनून के साथ इरफान ने सब कुछ दाव पर लगाने को ठान ली थी। उसी दौरान उनके पिता का निधन हो गया वो काफी टूट से गए थे, लेकिन अपने सपनों को साकार करने ही वे पीछे नहीं हटे। उसी दौरान उनका चयन 23 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों में सीके नायडू प्रतियोगिता के लिए था। उनके आर्थिक हालात इतने बुरे थे कि इस हीरो के पास उस समय प्रतियोगिता के लिए आयोजित कैंप में जाने के भी पैसे नहीं थे। इसका जिक्र खुद इरफान खान ने कुछ साल पहले टोंक में बताया था। हालात के मारे इरफान खान ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने फिल्मों में जाने दो प्रयास किया। अलग ही आवाज के धनी इरफान खान को कुछ साल बाद हीं फिल्मों अपनी काबिलियत के दम पर काम मिल गया। फिर क्या था, पीछे मुड़कर नहीं देखा और सफल फिल्मी अभिनेता बन गए। लेकिन इस हीरो को एक लंबी बीमारी इस दुनिया से अलविदा कर गई।

इरफान खान।
इरफान खान।

जमीन भी खरीदी थी इरफान ने
इरफान खान के बचपन के दोस्त एवं रिश्तेदार साहबजादा असदुल्लाह खान का कहना है कि इरफान को अपनी जमीन से काफी लगाव रहा। वो अक्सर यहां आते थे, उन्होंने चंदलाई आदि में जमीन भी ली। क्रिकेट व पतंग उड़ाने का उनको बहुत शौक रहा। वो अपने साथियों आदि के साथ यहां आते थे, तो क्रिकेट खेलते थे तथा पतंग उड़ाते थे।

इरफान खान
इरफान खान

टोंक आते तो बचपन के साथियों के साथ खेलते थे क्रिकेट
कचहरी में रहने वाले उनके रिश्तेदार रहीमुल्लाह उर्फ भाई मियां का कहना है कि इरफान फिल्मी दुनिया में बुलंदियों पर पहुंचने के बाद भी अपने बुजुर्गों से झुककर मिलते थे तथा पूरे अदब के साथ पेश आते। जब वह बुलंदियों पर थे, उस समय भी वो अपने बचपन के साथियों के साथ कचहरी दरवाजे के समीप क्रिकेट खेलने आ जाया करते थे, एक साधारण आदमी की तरह।

कंटेंट सहयोगी: एम असलम खान, टोंक।

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