पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

लापरवाही:मालपुरा में अफसरों ने दिव्यांगों को खतरे में डाला, नहीं मानी कोरोना एडवाइजरी

टोंक8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

विशेष योग्यजनों, दिव्यांगों को प्रमाण पत्र जारी करने के लिए बुधवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विशाल शिविर आयोजित किया गया लेकिन अधिकारियों की अनदेखी व लापरवाही के कारण शिविर में उमड़े सैकडों लोगों की भीड़ में ना सोशल डिस्टेंसिंग की पालना की गई ना ही लोगों ने मास्क की आवश्यकता या गंभीरता पर ध्यान दिया।

आलम यह रहा कि सरकारी शिविर में कोविड19 एडवाइजरी की खुलकर धज्जियां उडी। खास बात यह है कि यह शिविर कौनसे विभाग द्वारा आयोजित किया इसको लेकर भी एक दूसरे को जिम्मेदार बताया गया। स्थिति यह कि शिविर में करीब 400 से 500 लोगों की भीड़ एकत्रित होने के बावजूद कोरोना संक्रमण से बचाव या सुरक्षा के काेई बंदोबस्त नहीं किए गए।

हालत यह कि शिविर में डॉक्टरों के पास खचाखच भीड़ लगी व धक्कामुक्की चलती रही। समाज कल्याण विभाग के स्थानीय अधिकारी भरतसिंह ने बताया कि मेरे पास विभाग से नोडल अधिकारी संबंधी कोई आदेश नहीं है। शिविर आयोजन की जिम्मेदारी बीडीओ की है।उधर चिकित्सा विभाग भी कोविड 19 की धज्जियां उडने के कारण शिविर आयोजक की जिम्मेदारी लेने से कतराता रहा।

आश्चर्य तो यह है कि बडी संख्या में लोगों के एकत्र होने व चिकित्सकों की ड्यूटी लगाए जाने जांच पड़ताल व प्रमाण पत्र स्वीकृत करने जैसी तमाम प्रक्रियाओं के बावजूद कोई अधिकारी शिविर के आंकड़ों की जानकारी देने को तैयार नही है। हांलाकि समाज कल्याण विभाग के स्थानीय अधिकारी ने चिकित्सा विभाग से प्राप्त आंकड़ों की जानकारी देते हुए कहा कि विभिन्न प्रकार के 170 प्रमाण पत्र स्वीकृत किए गए जबकी 50 दिव्यांगों को गहन परीक्षण के लिए टोंक रेफर किया गया है तथा 165 आवेदन रिजेक्ट किए गए है ।

खबरें और भी हैं...