वैक्सीनेशन:वैक्सीनेशन का एक साल... जिले में 18 प्लस को 90 फीसदी पहली और 81 प्रतिशत को सैकंड डोज लगी

टोंक5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
टोंक। जिले के डारडाहिंद पीएचसी परिसर में वैक्सीन  लगाते चिकित्साकर्मी। - Dainik Bhaskar
टोंक। जिले के डारडाहिंद पीएचसी परिसर में वैक्सीन लगाते चिकित्साकर्मी।
  • 15 प्लस वालों को 13 दिन में ही 54 फीसदी पहली डोज, कोरोना की तीसरी लहर से बचाव में वैक्सीनेशन ही बना कारगर हथियार‎
  • ना ऑक्सीजन की आवश्यकता और ना इंजेक्शन की मांग बढ़ी

काेरोना संक्रमण से बचाव को लेकर शुरू किए गए वैक्सीनेशन को जिले में रविवार को एक साल पूरा हो गया। विशेषज्ञों का मानना है दिनोंदिन सामने आ रहे कोरोना के मामलों के बावजूद वैक्सीनेशन के सुखद परिणाम देखने को मिल रहे हैं। इस बार कोरोना का व्यापक असर नहीं पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सालभर में जहां 89.78 फीसदी लोगों को पहली डोज लगाई जा चुकी है, वहीं 81.27 फीसदी लोगों को सुरक्षा कवच की दूसरी डोज लग चुकी। 13 दिन में ही 15 प्लस के 53.68 किशोरों को भी वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है। डाक्टरों का मानना है कि खासतौर पर ऐसे पॉजिटिव मरीज जिन्हें कोरोना की एक या दो डोज लग चुकी है उनमें तो इसका असर न के बराबर है। पॉजिटिव आ रहे रोगियों को भी कोई विशेष ट्रीटमेंट नहीं दिया जा रहा है और लक्षण के हिसाब से दवा दी जा रही है। कोरोना प्रतिरोधी टीका लगाने की शुरुआत 16 जनवरी से हुई।

वैक्सीनेशन के शुरुआती दौर में 16 जनवरी से हेल्थ केयर वर्कर और फ्रंट लाइन वर्करों के टीके लगाए गए थे। इसके बाद एक मार्च से 60 वर्ष से अधिक बुजुर्गों के टीका लगाने का अभियान शुरू किया गया। एक अप्रैल से 45 से 59 साल के लोगों को तथा 10 मई से 18 से 44 वर्ष के युवाओं को टीका लगाना शुरू किया गया। शुरूआती दौर में जहां टीका लगवाने के प्रति लोगों में भ्रांति थी वहीं टीकों की कमी के चलते टीकाकरण अभियान गति नहीं पकड़ पाया। बाद में कोरोना के बढ़ते असर के बीच चिकित्सा विभाग और जिला प्रशासन की ओर से लोगों के मन में व्याप्त भ्रांतियों को दूर किया गया। बाद में टीकाकरण के प्रति उत्साह दिखाया और वर्तमान स्थिति यह है कि जिले में 9 लाख 56 हजार 501 के पहली डोज व 7 लाख 77 हजार 355 के दूसरी डोज लग चुकी है। चिकित्सा विभाग की ओर से जिले में टीकाकरण का लक्ष्य 18 प्लस से अधिक का 10 लाख 65 हजार 366 रखा गया है। किशारों में भी उत्साह, अब तक 53.68 फीसदी वैक्सीनेट : जिले में 15 से 18 साल के किशोरों को 3 जनवरी से को-वैक्सीन का सुरक्षा कवच देना शुरू किया गया। पहले दिन वैक्सीनेशन को लेकर स्कूलों में बालकों में उत्साह देखा गया। चिकित्सा विभाग के अनुसार जिले में अब तक 54151 बालकों के पहली डोज लगाई जा चुकी है। किशोरों का लक्ष्य एक लाख 875 है। -पहला चरण 16 जनवरी से पहले दिन 202 हेल्थ केयर वर्कर का वैक्सीनेशन हुआ -दूसरे चरण में 2 फरवरी से शुरू हुआ इसमें 861 फ्रंट लाइन वर्कर को टीके लगाए गए -तीसरे चरण में 2 मार्च से बुजुर्गों को वैक्सीनेशन शुरू हुआ। इसमें पहले दिन 1139 के टीके लगाए गए। -चौथे चरण में 11 मई से युवाओं को टीके लगाए गए। इसमें 3478 के टीके लगे। -पांचवां चरण 3 जनवरी 2021 से शुरू हुआ। इसमें पहले दिन 9052 किशोर किशोरियों का वैक्सीनेशन हुआ।

जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई, वे जल्द लगवा लें: सीएमएचओ
सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि जिन लोगों ने अभी तक कोरोना की वैक्सीन नहीं लगवाई है वे जल्द से जल्द इसे लगवा लें। ताकि मे कोविड के खतरों से बच सके। साथ ही कोविड अनुरूप व्यवहार जैसे मास्क पहनना, भीड़भाड़ से बचना, सैनिटाइजर का उपयोग या साबुन से हाथ धोना इत्यादि अपनाए। यदि कोविड लक्षण जैसे खांसी,जुकाम,बुखार इत्यादि हो तो तुरंत चिकित्सक या नजदीकी स्वास्थ्य कार्यकर्ता से सम्पर्क करें तथा कोविड सैम्पल दें।

खबरें और भी हैं...