प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश:मां को उत्तराधिकारी मानते हुए प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश दिए

टोंक2 महीने पहले
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शहीद के उत्तराधिकारी के मामले में जिला न्यायाधीश अजय शर्मा ने जिले के वजीराबाद खेड़ा गांव निवासी शहीद अशोक कुमार जाट का उत्तराधिकारी उसकी मां को माना है।न्यायालय ने उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र के लिए प्रस्तुत एक महिला के आवेदन को निरस्त कर दिया है। अधिवक्ता शिवराज चांगल ने बताया कि वजीराबाद खेड़ा निवासी अशोक कुमार पुत्र रामकरण जाट केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल में छत्तीसगढ़ राज्य के सुकमा जिले के मरई गुढा में तैनात था। इसी दौरान 15 अक्टूबर 2015 में नक्सलियों से हुई मुठभेड में अशोक कुमार शहीद हो गया। बल के अधिकारियों ने शहीद का प्रमाण पत्र व राशि समेत अन्य दस्तावेज पिता रामकरण ओर मां मनभर को सौंप गए।

इसके बाद नवीं बटालियन में कांस्टेबल नियुक्त गहलोद निवासी ममता ने खुद को शहीद की वीरांगना बताते हुए उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र लेने के लिए न्यायालय में वाद दायर कर दिया। दूसरी ओर शहीद की मां की ओर से भी न्यायालय में उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र के लिए वाद प्रस्तुत कर दिया। दोनों पक्षों की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों व दस्तावेज के आधार न्यायालय ने शहीद की मां को उत्तराधिकारी माना, जबकि ममता की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेज व साक्ष्यों के आधार पर ये साबित नहीं हो पाया कि ममता शहीद की पत्नी है। ऐसे में न्यायालय ने मां को शहीद अशोक कुमार का उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश दिए है।

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