भारत भ्रमण:कारगिल से कन्याकुमारी तक भारत भ्रमण पर निकले रक्षित श्रीवात्सव टोंक पहुंचे

टोंकएक महीने पहले
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  • पैदल यात्रा में भारत सेफ़ (सुरक्षित) बताने के साथ प्लास्टिक के उपयोग से हानिकारक प्रभाव से लोगों को जागरुक कर बने प्रेरणास्रोत

मन में कुछ अलग करने का जुनून हो तो रास्ते आसान हो ही जाते हैं। पैदल यात्रा के माध्यम से भारत भ्रमण पर निकले रक्षित श्रीवास्तव भी ऐसे ही लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने अपने मन की सुनी और निकल गए भारत भ्रमण पर। दरअसल कारगिल से कन्याकुमारी तक पैदलयात्रा पर निकले दमोह (मध्यप्रदेश) निवासी रक्षित श्रीवात्सव के भारत भ्रमण का एकमात्र उद्देश्य दुनिया को यह दिखाना है कि देश में पैदल यात्रा करना भी बिलकुल सुरक्षित है।
यही कारण है कि जहां पर वह जा रहे है, वहां के लोग उनका गर्मजोशी के साथ सत्कार कर उन्हें प्यार दे रहे है। दरअसल गो-ग्रीन और सेफ इंडिया का उद्देश्य लेकर करीब छह माह मे 4500 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकले रक्षित कहते है कि कुछ लोग भारत को अकेले यात्रा करने के लिए सुरक्षित नही मानते है, इससे बिलकुल सहमत नही है और इसीलिए ही अकेले पैदल निकले है। ताकि अपनी यात्रा पूरी करने के बाद इसे साबित कर सके। 22 सितम्बर को पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के कारगिल से अपनी यात्रा के शुरु करने वाले अब तक 1600 किलोमीटर की यात्रा कर चुके रक्षित का कहना है यात्रा के दौरान उन्हें कही पर भी ऐसा नही लगा वह असुरक्षित है। इसलिए यह कहना गलत नही होगा कि भारत अकेले यात्रा के बिलकुल सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि अपने इस मिशन में पैदल यात्रा उन्होंने इसलिए चुनी क्योंकि पैदल यात्रा कर ज्यादा से ज्यादा लोगाें से मिलकर उनके बारे मे व उनके रहन-सहन की जानकारी हासिल हो सकती है।
गो ग्रीन-सुरक्षित इंडिया का नारा
प्लास्टिक बैन और विरोध के बावजूद इसका धडल्ले से इस्तेमाल होता है। लेकिन उसके बावजूद लोग उसका इस्तेमाल कर इधर-उधर फैंक देते है। पैदल यात्रा सुरक्षित इंडिया से पहले गो ग्रीन के महत्व को लेकर लोगों को समझाते हुए रक्षित ने कहते है कि इस आदत को सुधारकर ही पर्यावरण का संतुलन बनाए रख सकते है, क्योंकि अपनी गलत आदतों के लिए सरकार को दोष देकर हम खूद को ही धोखा दे रहे है। इसलिए प्लास्टिक थैलिया या अन्य सामान का उपयोग करने के बाद उसे यहां-वहां फेंकने की जगह जहां वह रिसाइकल हो सके, वहां डिस्पोज करना चाहिए।

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