शादियों से बस स्टैंड पर बढ़ी यात्रियों की भीड़:बसों की कटौती ने बढाई यात्रियों की परेशानी, बस स्टैंड से डेढ-दो घंटे तक नहीं मिल रही रोडवेज बसें

टोंक6 महीने पहले
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रोडवेज बस स्टैंड पर बस के इंतजार में बैठे यात्री। - Dainik Bhaskar
रोडवेज बस स्टैंड पर बस के इंतजार में बैठे यात्री।

जिला मुख्यालय समेत जिले में शुक्रवार को बड़ी संख्या में होने वाली शादियों के चलते एक बार फिर रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ गई है, लेकिन कोरोना के चलते बसों में की गई कटौती इन यात्रियों पर भारी पड़ रही है। इन्हें डेढ-दाे घंटे तक भी रोडवेज बसें नहीं मिल रही हैं। इसके चलते यात्रियों की भीड़ बस स्टैंड पर हो रही है।

जिले में भी इन दिनों कोरोना का कहर जारी है। जयपुर, कोटा जैसे बड़े शहरों की तरह जिले की स्थिति भी ठीक नहीं है। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना ने दस्तक दे दी है। इसके इस कहर से तीन-चार दिन से लोगों की आवाजाही कम हो गई थी।

लोग भी डरने लगे है, लेकिन शुक्रवार को काफी शादियां हाेने से रिश्तेदार आदि लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। इससे बस स्टैंड पर भी चहल पहल बढ़ गई है, लेकिन इन लोगों को कोरोना के चलते बसों के संचालन में की गई 25-30 प्रतिशत कटौती के चलते डेढ-दो घंटे तक बसें नहीं मिल रही है। ऐसे में बस स्टैंड पर एक साथ काफी लोगों की आवाजाही बनी हुई है। जो कोरोना की रोकथाम के लिए ठीक नहीं है।

पहले से ही बसों में सवारियां होने से नहीं मिल पा रही है सीट

देवली तहसील के गोपालपुरा के रामप्रसाद ने बताया कि उनियारा क्षेत्र के कचरावता में उसके रिश्तेदार की शादी है, लेकिन रोडवेज बस स्टैंड पर दो घंटे से बस नहीं मिली है। इसी तरह सरोली जाने वाले अन्नपूर्णा डूंगरी क्षेत्र के अनिल नागरवाल ने बताया कि उसे डेढ घंटे से बस नहीं मिल रही है। एक बस जयपुर की ओर से आई, लेकिन उसमें कोरोना गाइड लाइन के मुताबिक सीटे भरी होने से गंतव्य स्थान पर नहीं पहुंचने में देरी हो रही है।

50 बसें ही चल रही है अभी

रोडवेज के चीफ मैनेजर रामचरण गौचर ने बताया कि कोरोना में लगी पाबंदियों के चलते यात्री भार कम होने से 20 बसों का संचालन कम कर दिया है। पहले 70 रोडवेज बसें चल रही थी, कुछ दिन से 50 बसें ही रुट पर चलाई जा रही हैं।

शनिवार तक ज्यादा रहेगी बसों में यात्री भार

जानकारी के अनुसार जिले भर में 30 अप्रैल की काफी शादियां हैं। इन शादियों का रिती रिवाज के अनुसार गुरुवार को मंडप है। यानी कि आज के ही दिन बडे स्तर पर खाना रखा जाता है। दूल्हा-दुल्हन की बिंदौरी भी निकलती है। हालांकि कोरोना गाइड लाइन के अनुसार यह सब सीमित होगा, लेकिन गांवों में हो रही शादियों में काफी धूमधड़ाका होगा। ऐसे में रिश्तेदार आदि लोग इन शादियों में शामिल होने के लिए आ-जा रहे है।

यात्री भार है तो अभी भेजता हूं रुट पर गाडी

रोडवेज डिपो टोंक के चीफ मैनेजर रामचरण गौचर ने बताया कि मैं अभी रोडवेज बस स्टैंड पर नहीं हूं। रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की संख्या ज्यादा है तो पता करवाकर रुट पर गाड़ी भेजता हूं ताकि यात्रियों की भीड बस स्टैंड पर नहीं हो।

रोडवेज बसों के संचालन में कटौती होने से यात्रियों को समय पर नहीं मिल रही है रोडवेज बसें, बस स्टैंड पर बस का इंतजार करते यात्री।