कैसे हारेगा कोरोना ?:कोविड के कारण रोडवेज ने कम किया बसों का संचालन, असर : शादियों का सीजन होने से बस स्टैंड पर उमड़ रही भीड़ दे रही संक्रमण को न्योता

टोंक6 महीने पहले
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  • 30 अप्रैल का सावा होने से लोगों की आवाजाही बढ़ी, रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़

कोरोना संक्रमण व जनअनुशासन पखवाड़े के चलते पिछले दिनों यात्रियों की संख्या में आई गिरावट के चलते टोंक समेत प्रदेश के सभी आगारों ने बसों के संचालन में कटौती कर दी, वहीं विवाह सीजन होने से गुरुवार को एक बार फिर रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की आवाजाही बढ गई है। लेकिन कोरोना के चलते बसों में की गई कटौती इन यात्रियों पर भारी पड़ रही है। इन्हें दो-दो घंटे तक भी रोडवेज बसें नहीं मिल रही है। इसके चलते यात्रियों की भीड बस स्टैंड जमा दिखाई दी।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश समेत जिले में इन दिनों कोरोना का कहर जारी है। जयपुर ,कोटा जैसे बडे शहरों की तरह जिले की स्थिति भी कुछ ठीक नहीं है। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना का कहर बरप रहा है। इससे पिछले दिनों यात्रीभार में गिरावट आ गई थी। हालांकि अब विवाह सीजन होने से लोगों की आवाजाही बढ गई है। इससे बस स्टैंड पर भी चहल पहल भी बढी है, लेकिन बसों के संचालन में की गई 30 प्रतिशत कटौती के चलते गुरुवार को दो-दो घंटे तक बसें नहीं मिल पाई। ऐसे में बस स्टैंड पर एक साथ काफी लोगों की आवाजाही बनी हुई है। जो कोरोना की रोकथाम के लिए ठीक नहीं मानी जा रही।

बसों में सवारियों की संख्या निर्धारित, मुंह ताकते रहे यात्री

कोरोना के चलते सरकार की गाइन लाइन को लेकर बसों में यात्रियों की संख्या क्षमता से आधी रख दी गई है। इसकेसाथ ही विभिन्न आगारों की ओर से कई शिडयूल कम कर दिए गए है। दूसरी ओर यात्रियों की आवाजाही एकदम से बढ़ी है। ऐसे में लोग बसों में सीटों को लेकर मुंह ताकते रहे। जबकि आगे से ही आ रही बसों में सभी सीटों पर यात्री सवारनजर आए।

यात्रीभार को देखकर बसोंका संचालन कर रहे हैं रोडवेज के चीफ मैनेजर रामचरण गौचर ने बताया कि कोरोना में लगी पाबंदियों के चलते यात्री भार कम होने से कुछ बसों का संचालन कम कर दिया है। पहले 70 रोडवेज बसें चल रही थी, कुछ दिन से 50 बसें ही रुट पर चलाई जा रही है। हालांकि अभी यात्रीभार को देखकर बसों का संचालन करवा रहे हैं। जिले भर में 30 अप्रेल की काफी शादियां है। ऐसे में आगामी दिनों में रोडवेज बसों में यात्रीभार अधिक रहने की संभावना है। यात्रियों का कहना है कि संक्रमण काल को देखते हुए आगार को बसों के फेरों में बढोतरी की जानी चाहिए।

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