पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

कोरोना से राहत:मुंशी प्रेमचंद की कहानी बड़े भाईसाहब का नाट्य मंचन

टोंक11 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
टोंक | शिक्षक दिवस पर बड़े भाई साहब का नाट्य मंचन करते कलाकार। - Dainik Bhaskar
टोंक | शिक्षक दिवस पर बड़े भाई साहब का नाट्य मंचन करते कलाकार।
  • रंगमंच फिर गूंजे कलाकारों के संवाद, 50 प्रतिशत दर्शकों के साथ नाट्य मंचन किया गया

एक्स्ट्रा एन ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त तत्वावधान में कम्युनिटी थिएटर की ओर से शिक्षक दिवस पर मुंशी प्रेमचन्द की कहानी ‘‘बड़े भाईसाहब’’ का नाट्य मंचन पैलेस अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन में किया गया। युवा रंगकर्मी मोहित वैष्णव ने कहानी का नाट्य निर्देशन किया।उन्होंने बताया कि मुंशी प्रेमचंद की अपनी कहानियों को सरल एवं सहज भाव से समकालीन समस्याओं के दृश्य को उकेरा हैं।

यही कारण हैं कि एक भारतीय यथार्थवादी रचना के तौर पर स्कूलों के पाठ्यक्रम में मुंशी प्रेमचंद की कहानियों को शामिल किया जाता रहा हैं। बड़े भाईसाहब भी उनकी प्रभावी कहानियों में से एक हैं। मुंशी प्रेमचंद के किरदार में नीलेश तसेरा के अलावा आशीष धाप ने पिताजी, देवराज गौतम ने बड़े भाईसाहब, गर्वित गिदवानी छोटा भाई, आशीष चावला, शुभम मेघवंशी ने दोस्त व ऋतुराज गौतम ने अभिनय से दर्शकों को गुदगुदाया। नाट्य निर्माण में नीलेश तसेरा का सहयोग रहा, वही सहायक फिरोज आलम, दीपक कुमार, रिया बंसल, अमन तसेरा, रवि चांवला, गंगेश्वर तिवारी, आफताब नूर व चितरंजन नामा ने सहयोग दिया।

लंबे अंतराल के बाद नाट्य मंचनकोरोना संक्रमण की रोकथाम के तहत जारी गाइडलाइन के पालना में लंबे समय बाद कम्युनिटी थिएटर की ओर से कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक 50 प्रतिशत दर्शकों के साथ नाट्य मंचन किया गया। मोहित वैष्णव ने बताया कि कोरोना-19 में राहत के साथ एक बार फिर रंगमंच की गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं, जिससे कलाकार घरों से बाहर निकल कर रहे हैं। लॉकडाउन के समय में कलाकारों ने सोशल मीडिया के जरिये घर रहकर ही कलाकार को जिंदा रखा और विभिन्न प्रस्तुतियों के जरिए दर्शकों से जुड़ाव रहा।

खबरें और भी हैं...