• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Tonk
  • These Conditions Are Being Created Due To The Non completion Of Raw Material Supply In The District, Now The Cask Of Raw Ghani Weighing 15 Kg Is Worth Three Thousand Rupees.

जिले में कच्चे माल की नहीं हो रही आपूर्ति:बाहर से मंगवाने से बढ़ा ट्रांसपोर्ट खर्च, महंगा हो सकता है कच्ची घाणी का सरसों तेल

टोंकएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सरसों की कच्ची घाणी ऑयल मिल। - Dainik Bhaskar
सरसों की कच्ची घाणी ऑयल मिल।

जिले में सालाना बढ़ रही सरसों की ऑयल मिल (कच्ची घाणियों) के मुकाबले कच्चे माल को आपूर्ति जिले में पर्याप्त नहीं होने से सरसों का तेल और महंगा हो सकता है। इसके चलते पहले ही महंगाई की मार से गुजर रहे जिले के लोगों को और अधिक आर्थिक मार झेलनी पड़ सकती हैं। अभी भी कच्ची घाणी का 15 किलो वजनी सरसों के तेल का पीपा करीब पौने तीन हजार रुपए का है। जो करीब 180 रुपए प्रति किलो है।

जानकारी के अनुसार इस साल सरसों में करीब 6 महीने से तेजी बनी हुई है। अभी सरसों का भाव रिकॉर्ड तोड़ करीब पौने आठ हजार रुपए प्रति क्विंटल है। इसके चलते इसका तेल के भाव में भी तेजी है। इसमें भी इसके कच्ची घाणी तेल और अधिक महंगा हैं। अब जिस तरह से कच्चे माल (सरसों) की कमी आती जा रही है। उसको देखते हुए कच्ची घाणी के तेल का भाव और बढ़ने वाला है। अभी जिले की ऑयल मिलों में कच्चा माल खत्म सा हो गया हैं। अधिकांश ऑयल मिल मालिक कच्चा माल अन्य जिलों से मंगवा रहा है। इससे परिवहन आदि का खर्चा बढ़ गया है। इसके चलते यह तेल और महंगा हो सकता है।

जिले में 70 ऑयल मिल
सूत्रों के अनुसार जिले में सरसों की करीब 70 ऑयल मिल है। इनमें से अधिकांश ऑयल मिल कच्ची घाणी है। इनमें से अधिकांश में अभी कच्चे माल ले आपूर्ति अन्य जिले से शुरू हो रही है। इससे प्रति पीपा पर करीब दो रुपए का भार पड़ रहा है।

नई सरसों आने तक भाव में रहेगी तेजी
कच्ची घाणी सरसों ऑयल मिल के मालिक योगेश कुमार जैन ने बताया कि शुद्ध कच्ची घाणी का सरसों का तेल कच्चे माल की कमी के चलते महंगा है। 15 किलो कच्ची घाणी के सरसों का पीपा 2700 से 2800 रुपए के बीच है। नई सरसों आने तक भाव में और तेजी रह सकती है। अभी सरसों करीब पौने आठ हजार रुपए प्रति क्विंटल है।

खबरें और भी हैं...