टूट रही सांसें:यह दुखद...सआदत अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी, 60 कोरोना संदिग्ध मरीजों को घर भेजा

टोंक6 महीने पहले
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टोंक| अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्पताल प्रशासन की और से डिस्चार्ज किए जाने के बाद मरीजों को लेकर रवाना होते परिजन। - Dainik Bhaskar
टोंक| अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्पताल प्रशासन की और से डिस्चार्ज किए जाने के बाद मरीजों को लेकर रवाना होते परिजन।
  • जिले अस्पताल में मृतकों की बढ़ रही संख्या, गुरुवार को 3 मरीजों ने तोड़ा दम

जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते सआदत अस्पताल की सांसें अब फूलने लगी हैं। लगातार बढ़ रहे मरीजों और ऑक्सीजन की कमी के चलते गुरुवार को सआदत अस्पताल में कोविड़ वार्ड में भर्ती 60 कोविड संदिग्ध मरीजों को घर भेज दिया। हालांकि अस्पताल प्रशासन की माने तो ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्पताल से सिर्फ सामान्य मरीज जिनका सेचुरेशन 90 प्रतिशत से अधिक हैं और वह कृत्रिम ऑक्सीजन के बिना रह सकते हैं, उन्हें ही डिस्चार्ज किया जा रहा हैं, ताकि गंभीर स्थिति के मरीजों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिले सके। वहीं गंभीर मरीजों अस्पताल उपचार किया जा रहा हैं। जिले में संक्रमित मरीजों के साथ ही मौतों का आंकड़ा भी बढ़ता रहा हैं। एक सप्ताह पूर्व जहां जिला व अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से कोरोना नियंत्रण के दावें कर रहे थे। वही वर्तमान स्थिति में बढ़ते संक्रमण ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोलकर रखी दी हैं।

सूत्रों की माने तो बीते पांच दिनों में ही अस्पताल में भर्ती करीब 30 मरीजों की मौत हो चुकी हैं। वही ऑक्सीजन प्लांट भी बुधवार मध्य रात बाद करीब सवा एक बजे तकनीकी प्रोब्लम के चलते बंद हो गया था। जिसे बाद में शुरु करवा दिया गया हैं। इसी प्रकार बुधवार देर रात बाद से ही कोरोना मृतकों के शवों के बांधने वाले बॉडी किट खत्म होने के बाद उन्हें पीपीई किट पहनाकर शव को गंतव्य स्थान पर भेजा गया। लेकिन यही किट हवा आदि के वेग से कई खुल जाता है तो संक्रमण फैल सकता है। गुरुवार सुबह से ही ऑक्सीजन की कमी शहर में चर्चा रही। लेकिन दोपहर बाद अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन के कमी के कारण मरीजों को डिस्चार्ज करना शुरु कर दिया गया। जिसके बाद देखते ही देखते अस्पताल में डिस्चार्ज होने वाली मरीजों को उनके परिजन ले जाते दिखाई देने लग गई। इस दौरान कई मरीजों के परिजन अस्पताल प्रशासन पर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने के लिए जबरन डिस्चार्ज करने का आरोप लगाते दिखे।

परिजनों के विरोध को को देखते हुए एएसपी सुभाष मिश्रा और डीएसपी चंद्रसिंह रावत सहित कोतवाली व पुरानी टोंक थाना पुलिस का जाप्ता तैनात कर दिया गया। वही इस दौरान एसडीएम नित्या के, आरएएस अधिकारी नवनीत कुमार, नगर परिषद आयुक्त धर्मपाल जाट और पीएमओ नविंद्र पाठक बैठक कर स्थिति पर नजर रखे हुए थे। बैठक के दौरान भाजपा नेता नरेश बंसल, राजकुमार करनानी, कांग्रेस नेता सुनिल बंसल, सलीमुद्दीन खान, आमिर फारुखी, कलीम अहमद आदि ने अधिकारियों से मिलकर ऑक्सीजन की कमी के चलते वार्ड में भर्ती सामान्य मरीजों को डिस्चार्ज करने को लेकर पुनर्विचार करते हुए अस्पताल में ही भर्ती रखने की बात कहते हुए जिन्हें ज़रूरत हो ऑक्सीजन उपलब्ध करवाए जाने की मांग की।

ऑक्सीजन की कमी बताकर लौटाया : अपने दोस्त की मां को अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए आए मोईन ने बताया कि अस्पताल प्रशासन और स्टाफ ने ऑक्सीजन कमी बताकर उन्हें लौटाते हुए घर पर उपचार करवाने या फिर जयपुर ले जाने की सलाह दे डाली। वही बुधवार रात भर्ती हुए मरीज के परिजन रामलीलाल सैनी ने बताया कि भर्ती करवाने के बाद पल्स रेट 87 थी। सुबह सिटी स्कैन की रिपोर्ट आने पर फेफड़ों की समस्या बताकर चिकित्सकों ने जयपुर ले जाने को बोल दिया। अब हम क्या करे, क्योंकि जयपुर में वैसे ही स्थिति खराब हैं।

लगातार टूट रही सांसें : सरकारी आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को भले ही कोरोना से 3 मौत होने की पुष्टि की गई हैं लेकिन बीते पांच दिनों से जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों का लगातार दम टूट रहा हैं। बीते पांच दिनों से रोजाना अस्पताल से मृतकों को श्मशान ले जाने वाली एंबुलेंस लगातार दौड़ लगा रही हैं। सूत्रों की माने तो इन पांच दिनों में 30 से ज्यादा अस्पताल में हो चुकी हैं। भले ही जिला प्रशासन और चिकित्सा महकमा मृतकों के आंकड़ों को छुपा रहा है, लेकिन चिकित्सा विभाग के मौतों के आंकड़ों से ज्यादा शवों को अस्पताल से कोरोना प्रोटोकॉल का तहत एम्बुलेंस से पहुंचाया जा रहा हैं।

शाम तक 90 सिलेण्डर अस्पताल पहुंचे : सआदत अस्पताल के पीएमओं डॉ. नविंद्र पाठक ने बताया कि अस्पताल में सुबह तक 109 मरीज भर्ती थे। जिनमें से 64 को ऑक्सीजन की कमी के कारण डिस्चार्ज किया गया हैं। ताकि ज्यादा संक्रमण से गंभीर हालत वाले मरीजों के लिए ऑक्सीजन की जरुरत पूरी हो सके। दरअसल अलवर से आने वाली ऑक्सीजन की गाडी नही पहुंचने से अचानक ऑक्सीजन की कमी आ गई थी। गुरुवार शाम आठ बजे तक 60 सिलेण्डर जयपुर और 30 सवाईमाधोपुर से पहुंचे चुके हैं। वही शुक्रवार सुबह अलवर से भी 95 बड़े सिलेण्डर लेकर भी गाडी पहुंच जाएगी।

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