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भ्रूण लिंग जांच रोकने के लिए सख्ती:MRI सेंटर्स को PCPNDT एक्ट के तहत कराना होगा रजिस्ट्रेशन, हर महीने सेल को भेजी पड़ेगी रिपोर्ट

टोंक2 महीने पहले
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सीएमएचओ ऑफिस। - Dainik Bhaskar
सीएमएचओ ऑफिस।

भ्रूण लिंग जांच रोकने के लिए अब एमआरआई मशीनों को भी पीसीपीएनडीटी एक्ट के दायरे में लाने के बाद जिले भी इनको लेकर मेडिकल विभाग सख्त हो गया है। अब सेंटर्स को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए मेडिकल विभाग के पीसीपीएनडीटी के जिला समन्वयक ने सभी तरह की मेडिकल जांच सेंटर्स को लेटर भेज कर अवगत कराया है। जिनके पास भी एमआरआई मशीन है, वे उनका रजिस्ट्रेशन करवाएं और हर महीने इन पर होने वाली जांचों आदि का रिकॉर्ड दें।

सीएमएचओ एवं पीसीपीएनडीटी के जिला नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि जिले में वर्तमान में संचालित सेंटर्स एवं नए पंजीकरण होने वाले सेंटर्स को पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा। पीसीपीएनडीटी एक्ट रजिस्ट्रेशन के बाद ही उनका संचालन किया जा सकेगा। बिना रजिस्ट्रेशन के अगर कोई एमआरआई सेंटर संचालित पाया जाता है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पंजीकृत सेंटरों को नियमित रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर रिपोर्ट भेजनी होगी। गर्भवती महिलाओं एमआरआई किए जाने पर नियमानुसार फॉर्म-एफ भरना अनिवार्य होगा। प्रत्येक एमआरआई सेंटर को महीने की 5 तारीख तक नियमानुसार रिपोर्ट जिला पीसीपीएनडीटी सेल को भिजवाना अनिवार्य होंगा। मशीन को पीसीपीएनडीटी एक्ट के दायरे में आने पर मशीन और रिपोर्ट करने वाले डिग्री धारी तकनीकी स्टाफ का भी पंजीकरण करवाना होगा।

31 तक करा सकते है रजिस्ट्रेशन
पीसीपीएनडीटी के जिला समन्वयक जगदीश प्रसाद गुर्जर ने बताया कि वर्तमान में जिन सोनोग्राफी सेंटरों पर यदि एमआरआई मशीन संचालित है। उनको नया रजिस्ट्रेशन लेने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें मशीन से संबंधित दस्तावेज जिला पीसीपीएनडीटी सेल में जमा कराने होंगे तथा मशीन का नाम रजिस्ट्रेशन में दर्ज कराना होगा। यदि कोई एमआरआई सेंटर बिना रजिस्ट्रेशन संचालित है। उसका रजिस्ट्रेशन 31 अक्टूबर तक कराना अनिवार्य होगा। इसके लागू होने से केवल योग्यताधारी तकनीकी स्टाफ ही कार्य कर सकेगा।

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