पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

लॉकडाउन बना वरदान :टोंक डेयरी ने दूध बिक्री में रचा इतिहास, 55 हजार लीटर बेचकर कमाया 37.36 लाख रुपए का मुनाफा

टोंक15 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • एमडी के प्रयास रंग लाए, घाटे से उबार कर मुनाफे में ला खड़ा किया, दुग्ध पालकों में भी उत्साह
Advertisement
Advertisement

लॉकडाउन में जहां राज्य में अधिकांश डेयरी घाटे में रही, वहीं टोंक डेयरी ने रिकार्ड स्थापित किया। दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं के संकेत भी दिए हैं। जिले में टोंक जिला दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ ने अब तक का सबसे अधिक 55 हजार 232 लीटर दूध बेचकर रिकार्ड बनाया है। सन् 2008 से संचालित टोंक डेयरी में अब तक इतना दूध कभी नहीं बिका। हालांकि मांग की पूर्ति के लिए वर्तमान में तीन दिन में 15 हजार लीटर दूध अजमेर से मंगवाकर भी पूर्ति की गई। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि टोंक में दूध उत्पादन के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं जिसका लाभ उठाना चाहिए। टोंक डेयरी की पहली महिला एमडी प्रमोद चारण का कहना है कि टोंक डेयरी के इतिहास में 28 जून को 55 हजार 232 लीटर दूध की बिक्री का रिकार्ड रहा है। हमने लॉकडाउन को अवसर में बदलने में सफलता हासिल की है। इसका परिणाम यह रहा कि 20 जून 2020 तक सभी दूध उत्पादकों को पेमेंट कर दिया गया जबकि पूर्व में 40-50 दिन तक का पेंमेंट बाकी रहता था। साथ ही देनदारियों के दो करोड़ भी अदा किए गए हैं। घाटे में चलने वाली डेयरी वर्तमान में 37.36 लाख के लाभ में आ गई है। लॉकडाउन से पहले टोंक डेयरी द्वारा 24 से 25 हजार लीटर दूध की सप्लाई की जा रही थी, लेकिन लॉकडाउन के बाद ये आंकड़ा 55 हजार लीटर तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य की दृष्टि से प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 300 ग्राम दूध मिलना चाहिए। ऐसे में दो लाख की आबादी पर ही 50 हजार लीटर दूध की जरूरत रहती है। वहीं टोंक में दूध उत्पादन के काफी अवसर है, यहां का वातावरण इसके लिए उपयुक्त और उत्तम भी हैं।

Advertisement
0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव - आज का दिन पारिवारिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से शुभ फलदायी है। व्यक्तिगत कार्यों में सफलता मिलने से मानसिक शांति का अनुभव करेंगे। कठिन से कठिन कार्य को आप अपने दृढ़ निश्चय से पूरा करने की क्षमत...

और पढ़ें

Advertisement