व्यवस्था गड़बड़ाई:व्यापारियों ने कृषि उपज मंडी बंद रखी, सुधारी व्यवस्था

टोंक9 महीने पहले
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  • सरसों की 30 हजार बोरी, रोजाना मंडी टैक्स आ रहा 15 लाख, छाया पानी का अभाव

कृषि उपज मंडी में इन दिनों विक्रय के लिए सरसों की तीस हजार बोरी की आवक होने से मंडी टैक्स बढ़ रहा है लेकिन व्यवस्थाएं चरमरा गई है। विक्रय के लिए खुली बोली लगाने वास्ते मंडी परिसर की सड़कों पर लगे सरसों के हजारों ढेरों के कारण किसानों के वाहन तो क्या पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। छाया पानी के अभाव में किसानों को धूप में बैठ कर अपने माल की बिक्री का दिनभर इंतजार करना पड़ता है।मंडी में दस सिक्योरिटी गार्ड भी मंडी की व्यवस्था सुधारने में अक्षम है। मालपुरा मंडी में एक मार्च से शुरू हुई नई सरसों की आवक इतनी तेजी से बढ़ी की मात्र 14 दिनों में करीब डेढ़ लाख बोरी आवक रिकार्ड दर्ज की जा चुकी है। तुलाई छनाई व लदाई के काम के लिए मंडी में करीब पांच सौ पल्लेदार रात दिन लगे है।

-मंडी में बढ़ती माल की आवक को देखते हुए आंतरिक ट्रेफिक व्यवस्था के लिए सचिव ने पुलिस जवान लगाने के लिए पत्र लिखा है।-मंडी व्यापार मंडल के गिरधारी आगीवाल ने बताया कि मंडी में दो खुले व कवर्ड तीन प्लेट फार्मों पर क्रेता व्यापारियों व किसानों की खचाखच भरी सरसों की निकासी के लिए 14 मार्च को मंडी में कारोबार बंद रखा गया।-सरसों की आवक बढ़ने व भाव साढे पांच हजार रुपए व अधिक प्रति क्विंटल होने से कृषि उपज मंडी समिति को रोजाना करीब पंद्रह लाख रुपए बतौर टैक्स अकेले सरसों से प्राप्त हो रहें है।-मालपुरा मंडी में सरसों की आवक बढ़ने का मूल कारण किसानों को माल के अच्छे भाव मिलना है।व्यापारी नंदलाल चौधरी ने बताया कि शनिवार को सरसों भाव 5600 से ज्यादा रहा है।

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