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  • Treatment Of 68 Children On 20 Beds In Infant Ward, Fear Of Increasing Infection Due To Contact With Each Other, Administration Is Not Paying Attention

ये तो संक्रमण को दावत है:शिशु वार्ड में 20 पलंग पर 68 बच्चों का उपचार, एक-दूजे के संपर्क में आने से संक्रमण बढ़ने का अंदेशा, प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान

टोंक2 महीने पहले
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  • रोजाना 150 से ज्यादा शिशु सर्दी, खांसी व जुकाम की चपेट में आकर पहुंच रहे अस्पताल
  • मौसम में बदलाव पड़ रहा भारी...जनाना अस्पताल के शिशु वार्ड में एक-एक पलंग पर 3 से 4 शिशु

जिले में बदलता मौसम बड़ों के साथ साथ बच्चों को भी चपेट में ले रहा है। यहीं कारण है कि रोजाना कई शिशु वायरल की चपेट में आकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसका पता जनाना अस्पताल के शिशु वार्ड में भर्ती शिशुओं से लगाया जा सकता है। बुधवार को 20 पलंगों की क्षमता वाले शिशु वार्ड में 68 बच्चे भर्ती थे।अभिभावकों का मानना है कि ये तो संक्रमण को दावत देना है। एक से अधिक बच्चे भर्ती किए जाने व पलंग के चारों ओर अभिभावकों का जमावड़ा होने से सोशल डिस्टेंस की भी पालना नहीं हो रही है।

हालांकि भर्ती अधिकतर बच्चे मौसमी बीमारियों से पीडित बताए जा रहे हैं। बदलता मौसम शिशुओं पर भारी साबित हो रहा है। रोजाना डेढ़ सौ से अधिक शिशु सर्दी, खांसी व जुकाम की चपेट में आकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि शिशु वार्ड के पलंगों पर तीन से चार तक बच्चें भर्ती है। कई परिजन परामर्श लेकर ही घरों को लौट रहे हैं।तापमान के उतार-चढ़ाव के बाद शिशुओं के बीमार होने से सिलसिला बढ़ा है। शिशु रोग विशेषज्ञ कक्ष में माताओं की भारी भीड़ दिखाई पड़ती है। निजी अस्पतालों व क्लिनिकों में भी माताएं व परिजन बच्चों को गौद में लिए बडी तादात में पहुंच रहे हैं।

खाली प्लाटों-गड्ढों में भरे पानी से पनप रहे मच्छर : शहर समेत जिले में डेंगू व अन्य मौसमी बीमारियों पर अंकुश के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमे की ओर से बस दावे तो खूब किए जा रहे हैं। जबकि हकीकत इससे परे है। महकमे की ओर से बचाव के लिए बस कुछ स्थानों पर दवा का जरूर छिड़काव किया गया है। घर-घर सर्वे, फोगिंग व गंदे पानी वाले स्थानों पर लार्वा रोकथाम दवा डालने के महज दावे ही है। जबकि जिले में कई खाली प्लाटों व गड्ढों में भरा पानी डेंगू व मलेरिया के मच्छर पनपाने में सहायक साबित हो रहे हैं। अस्पताल आ रहे शिशुओं व बड़ों की जांच में डेंगू के लक्षण आने से यह साबित भी हो रहा है।

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