जिला परिषद की बैठक में हंगामा:शिला पट्टिका पर नाम नहीं लिखने पर जिला परिषद की बैठक में हंगामा

टोंक2 महीने पहले
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टोंक | जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधि। - Dainik Bhaskar
टोंक | जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधि।
  • जिला परिषद की साधारण सभा के बजाय आयोजना समिति की बैठक में हुआ सड़कों का अनुमोदन

जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत शिलापट पर जनप्रतिनिधियों के नाम लिखे जाने के मामले में गर्मा-गर्म बहस के बाद कई कार्यों का अनुमोदन नहीं हुआ। लेकिन बाद में आयोजना समिति की बैठक में अनुमोदन किया गया। उल्लेखनीय है कि जिले में पीएमजीएसवाई के तहत 63.94 किलोमीटर सड़कों का अनुमोदन होना था। लेकिन साधारण सभा की बैठक में शिलापट पर सभी के नाम लिखे जाने का मामला सामने आया। इसको लेकर पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने अपने-अपने तर्क दिए।

इस दौरान निवाई प्रधान बैठक से उठकर बाहर चले गए। बहरहाल बैठक में शिलापट पर नाम लिखने एवं नहीं लिखे जाने के मामले में दोनों पक्षों में बहस हुई। इस पर जिला प्रमुख सरोज बंसल ने कहा कि जो गाइड लाइन है उसकी पालना की जाएगी। वर्तमान में जो नियम कायदे हैं उसके अनुसार कार्य किया जाए। लेकिन जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में अनुमोदन नहीं हुआ। बाद में आयोजना समिति की बैठक में मामले को शांत कर अनुमोदन किया जा सका।

जिला प्रमुख सरोज बंसल ने बताया कि आयोजना समिति की बैठक में पीएमजीएसवाई का अनुमोदन कर दिया गया है। भविष्य में ऐसा नहीं हो संबंधित विभाग को इसके बारे में आवश्यक जानकारी दे दी गई है। जिला प्रमुख ने अधिकारियों की इस रवैया पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिप आदि के सभी सदस्य चाहे वह किसी भी पार्टी से हो उनके क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों में उनका नाम होना जरूरी है।बैठक में उप जिला प्रमुख आदेश कंवर, छोगालाल गुर्जर, ममता चौधरी, संपत महुवा, भगराज चौधरी, हंसराज मीणा, जगदीश, अनिता आदि मौजूद रहे।

आरोप- निवाई में लोकार्पण पटि्टका में प्रधान का नाम भी नहीं

कई जनप्रतिनिधियों ने बताया कि बैठक में निवाई, पलाई, नगरफोर्ट, दूनी, देवली, मालेडा, थांवला इन क्षेत्र में एक पक्ष जनप्रतिनिधियों के नाम नहीं दिए जाने से मामला गर्माया था। जिपस लवेश ने कहा कि सरकार जनप्रतिनिधियों का अपमान कर रही है। निवाई में लोकार्पण पट्टिका में वहां के प्रधान का नाम नहीं है। बनेठा से जिला प्रमुख जिपस है। वहां की पट्टिका में उनका नाम नहीं है। सरकार और उनके एमएलए की सोच हाे कि जहां भी इस तरह की कोई पट्टिका लगाए जाए उस पर संबंधित सांसद, जिलाप्रमुख से लेकर वार्ड पंच तक का नाम होना चाहिए। तभी सही मायने में लोकतंत्र है।

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