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  • With The End Of The Era Of Bullocks For A Decade, Now In A Village Of 60 Houses, For A Decade, The Villagers Worship 50 Tractors Together During The Govardhan Puja.

60 घरों के गांव में ऐसे होती है गोवर्धन पूजा:एक साथ 50 ट्रैक्टरों की करते है पूजा, एक दशक से ऐसे मना रहे त्योहार

टोंकएक महीने पहले
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भगवानपुरा में एक साथ ट्रैक्टर की पूजा करते हुए। - Dainik Bhaskar
भगवानपुरा में एक साथ ट्रैक्टर की पूजा करते हुए।

मशीनरी युग में अब गोवर्धन पूजन के दौरान बैलों की जगह ट्रैक्टरों ने ले लिया है। इससे दीपावली पर पहले जैसी बैलों की पूजा होती नजर नहीं आती है, लेकिन अभी भी देवली उपखंड की थांवला पंचायत के भगवानपुरा गांव ऐसा गांव है। जहां सभी गांव वाले गोवर्धन पूजा के दौरान सभी ट्रैक्टरों को एक साथ खड़ा करके बैलों की तरह उनका पूजन करते हैं। शुक्रवार रात को भी इस गांव में एक लाइन में सभी ट्रैक्टरों को खड़ा कर पूजा की और गांव वालों ने एक दूसरे के गले मिलकर दीपावली की रामा-श्यामा की।

जिले में इन दिनों पांच दिवसीय दीपोत्सव चल रहा है। इसमें रोजाना घरों की सजावट की रही है। लोग पूजा पाठ कर रहे हैं। पटाखे चला रहे है। इस त्योहार को लोग अपने अपने स्तर पर लंबे समय से सेलिब्रेट करते आ रहे है। आज भी लोग बरसों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन कर रहे है। ये बात अलग है कि अब कुछ परंपरा का अंदाज बदल गया है। इसमें से बैल पूजन भी शामिल है। अब इसकी जगह ट्रैक्टरों ने ले ली है। अब लोग इन्हें भी बैलों की तरह गोवर्धन पूजन के दौरान पूजते है। लेकिन इसमें भी यह परंपरा देवली तहसील की थांवला पंचायत के 60 घरों के भगवानपुरा गांव में अलग ही अंदाज में निभाई जा रही है। इस गांव में 50 ट्रैक्टर है। इन सभी को बैलों के बजाय दीपावली पर गोवर्धन पूजा के दौरान उनकी पूजा करते है। इस साल भी शुक्रवार रात को अभी गांव वाले अपने अपने ट्रैक्टरों को गांव के मुख्य बाजार में ले आए और उन्हें आमने-सामने खड़ा कर एक साथ पूजा की। इस दौरान आतिशबाजी भी की गई।

बैल नहीं होने से अब ट्रैक्टरों की करते है पूजा
गांव के बुजुर्ग लादू धाकड़ ने बताया कि करीब 10-12 वर्ष पहले खेती करने के लिए बैलों का उपयोग करते थे। गोवर्धन पूजन के साथ बेलों का भी श्रृंगार कर उनका पूजन करते थे। लेकिन अब उनकी जगह ट्रैक्टरों ने ले ली है। गांव वालों के लिए खुशी की बात यह है कि आज भी सभी ग्रामवासी अपने ट्रैक्टरों को एक कतार में खड़े करने के बाद महिलाएं मांगलिक गीत गाती हैं। फिर एक साथ उनका पूजन किया।

आज मनाई भाई दूज
जिले भर में आज भाई दूज के मौके पर बहनों ने भाइयों के तिलक निकालकर उसकी आरती उतारी। इस मौके पर ग्रामीणों ने जमकर आतिशबाजी की। इससे पहले शुक्रवार को रात को कई जगह घास भैरू की सवारी निकाली।

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