डीएपी की किल्लत:डीएपी की किल्लत से किसान परेशान हो रहे

उनियारा2 महीने पहले
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डीएपी की किल्लत के चलते किसान परेशान है। डीएपी के लिए कोई किसान एक पखवाड़े से भी अधिक समय से चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन डीएपी खाद नहीं मिल रहीं। किसान खाद की सूचना मिलते ही दुकानों पर पहुंच जाते हैं लेकिन कई घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रहा हैं। कई घंटों तक लाइन में लगे रहते है तो मात्र एक या दो कट्टे ही मिल पा रहे हैं। किसानों ने बताया डीएपी खाद नहीं मिलेगी तो वे बिजाई का कार्य कैसे कर पाएंगे।

जबकि गत वर्ष मानसून सक्रिय नहीं रहने से उनियारा क्षेत्र में 50 हजार हैक्टेयर ही किसानों ने रबी की फसल की बुवाई की थी। जिस समय तो किसानों को आसानी से डीएपी खाद उपलब्ध हो गया था मगर इस वर्ष मानसून सक्रिय रहने के कारण तहसील क्षेत्र के सभी बाँध, तालाब, नाडी लबालब भर जाने के कारण उनियारा क्षेत्र में 70 से 75 हजार हैक्टेयर में बुवाई होने का अनुमान हैं।कृषि विभाग उनियारा, सहायक कृषि अधिकारी, कार्यवाहक महावीर प्रसाद मीणा का कहना है कि सिंगल सुपर फास्फेट कृषि के लिये वरदान हैं। एसएसपी एक फॉस्फोरस युक्त उर्वरक है, जिसमें कि 16 प्रतिशत फॉस्फोरस एवं 11 प्रतिशत सल्फर की मात्रा पाई जाती है। इसमें उपलब्ध सल्फर के कारण यह उर्वरक तिलहनी एवं दलहनी फसलों के लिये अन्य उर्वरकों की अपेक्षा अधिक लाभदायक होता है इसलिए किसान डीएपी के स्थान पर एसएसपी इसका उपयोग करें।

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