अब सूरज ही दे रहा बॉर्डर पर जवानों को ठंडक:भीषण गर्मी-लू में रेगिस्तानी सरहद पर जिंदगी हुई आसान; BSF का नया प्रयोग

जैसलमेर3 महीने पहले

जैसलमेर से लगती भारत-पाकिस्तान सीमा पर इन दिनों सूरज अपने रौद्र रूप में है, लेकिन सीमा की रखवाली कर रहे सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को ये तपता सूरज मानों परेशान ही नहीं कर पा रहा है। दरअसल, सीमा पर BSF अनूठा प्रयोग कर रही है। इस प्रयोग में सरहद पर चौकसी कर रहे जवानों के लिए सोलर कूलर लगाए गए हैं जो तेज धूप में ठंडी हवा देते हैं।

बीएसएफ के ऑब्जर्वेशन टावर पर लगाए गए 3 सोलर कूलर का प्रयोग किया जा रहा है। अगर ये प्रयोग सफल रहा तो सभी सीमा चौकियों पर लगे वॉच टावर पर ये सोलर कूलर लगाए जाएंगे, ताकि 50 डिग्री या उससे ज्यादा तापमान में भी जवानों को ठंडी हवा मिल सके। इन टावर पर सरहद पर निगरानी का काम बड़ा ही मुश्किल और चुनौती भरा होता है। ऐसे में जवानों को गर्मी से बचाने के लिए ये अनूठा प्रयोग किया जा रहा है ताकि बिजली के भरोसे न रहकर सोलर से काम चलाया जा सके।

वॉच टॉवर में लगा कूलर और चौकी पर तैनात जवान।
वॉच टॉवर में लगा कूलर और चौकी पर तैनात जवान।

सोलर कूलरों का ट्रायल
बीएसएफ की 108 बटालियन के कमांडेंट एस एन पांडे ने यह प्रयोग शुरू किया है। जिसके तहत खास तौर पर सौर ऊर्जा से चलने वाले 3 कूलर मंगवाए हैं। इन पर सोलर प्लेट लगाइ गई हैं। शाहगढ़ बल्ज क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है तथा तापमान 50 डिग्री के आसपास चल रहा है। ऐसे में जवानों को गर्मी से राहत प्रदान करने के लिए कई प्रकार के प्रयास व उपाय किए जा रहे हैं। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे अन्य वॉच टावर पर भी लगाया जायेगा। फिलहाल यह कूलर BSF के जवानों को पूरे दिन काफी राहत प्रदान कर रहे हैं।

50 डिग्री तापमान में भी हमेशा चौकस रहना पड़ता है।
50 डिग्री तापमान में भी हमेशा चौकस रहना पड़ता है।

कमांडेंट का कहना है अगर ये प्रयोग सफल होता है तो सरहद के सभी वॉच टावर तक ये सुविधा शुरू की जाएगी। इसके लिए मॉनिटरिंग भी की जा रही है।

सोलर पैनल और कूलर।
सोलर पैनल और कूलर।

कमांडेंट पांडे का कहना है कि इस मुश्किल टास्क में गर्मी की वजह से जवान को निगरानी में काफी परेशानी भी आती है, और भीषण गर्मी में जवान भी परेशान होते हैं। इसके लिए हमने ये अनूठा प्रयोग किया है ताकि इस कूलर को आसानी से वॉच टावर में सेट किया जा सके। इससे बिजली की बचत तो होगी ही, साथ ही सरहद की निगरानी भी भीषण गर्मी में आसानी से हो सकेगी। ये दिन भर ठंडी हवा देते हैं और शाम होते ही सूरज की रोशनी के जाते ही अपने आप बंद हो जाते हैं।

वॉच टॉवर से सरहद पर निगरानी करता जवान।
वॉच टॉवर से सरहद पर निगरानी करता जवान।