पेशी नहीं प्यास का मुद्दा:तारीख पर तारीख...भीनमाल को 6 साल में मिली 6 डेडलाइन, जून में भी नहीं मिलेगा सकेगा पानी

भीनमाल/जालोर6 महीने पहले
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क्षेमंकरी माताजी मंदिर के पास अधूरा पड़ा कार्य। - Dainik Bhaskar
क्षेमंकरी माताजी मंदिर के पास अधूरा पड़ा कार्य।

जल संकट से जूझते भीनमाल क्षेत्र के लोगों को ईआर प्रोजेक्ट से जलापूर्ति की तारीख पर तारीख मिल रही है। इन साल में 5 बार तारीख पर तारीख मिली तो शहरवासियों ने 2 माह तक उग्र आंदोलन किया। जब कलेक्टर, स्थानीय प्रशासन व नर्मदा प्रोजेक्ट के अधिकारियों ने बातचीत कर शहरवासियों को जून के अंत तक ईआर प्रोजेक्ट से भीनमाल शहर तक पानी पहुंचाने का वादा किया। शहरवासियों को मिली नई तारीख जून 2022 भी केवल तारीख ही निकली। अधिकारियों का दावा है कि जून के अंत तक 20 प्रतिशत बाकी कार्य की सामग्री ही आ पाएगी।

ऐसे में शहरवासियों को अब पानी के लिए एक और नई तारीख मिलने वाली है। दरअसल, भीनमाल शहर समेत 307 गांवों को नर्मदा का मीठा पानी उपलब्ध करवाने को लेकर सांचौर के पालड़ी गांव में ईआर प्रोजेक्ट का निर्माण हो रहा है। इसका कार्यदेश 2013 के दौरान होते हुए 2016 तक पानी मिलना था, लेकिन 9 वर्ष बीत जाने के बाद भी मीठा पानी नसीब नहीं हो पाया। कार्य में ठेकेदार द्वारा ढिलाई बरतने पर अधिकारियों द्वारा समय-समय पर पेनल्टी भी लगाई जा चुकी है।

2016 से कब-कब मिली तारीखें, नर्मदा ईआर प्रोजेक्ट का 80% कार्य हो चुका, अब तक 268 करोड़ खर्च

1. अक्टूबर 2016 : 24 सितंबर 2013 को पालड़ी सरहद में ईआर प्रोजेक्ट को तैयार करने को लेकर कार्यादेश हुआ। एचटीएमएल कंपनी को इसका कार्य दिया गया। 2015 के दौरान बजट की कमी आई। कंपनी ने तय डेट तक केवल 10 प्रतिशत कार्य ही किया।

2. अक्टूबर 2018 : फिर नई तारीख 2018 में पूर्ण करना तय किया। लेकिन बीच में कंपनी छोडक़र जाने से काम बंद रहा फिर नई कंपनी को काम दिया। साथ ही 2015-17 की बाढ़ से जो कार्य हुआ उसको भी नुकसान पहुंचा।

3. मार्च 2021 : इस डेट को कार्य पूरा करना था, लेकिन बीच के डेढ़ साल तक कार्य भी नहीं हुआ। अप्रैल 2019 को कार्य बदं होने के बाद अप्रैल 2021 में वापिस कार्य शुरू हुआ, जबकि मार्च 2021 में पूरा करने का वादा था।

4. सितंबर 2021 : अप्रैल 2021 में कार्य शुरू करते हुए सितंबर 2021 तक पूरा करने का वादा किया, लेकिन यह तारीख भी निकल गई।

5. मार्च 2022 : सितंबर 2021 में कार्य पूर्ण नहीं होने पर भीनमाल शहरवासियों ने नर्मदा प्रोजेक्ट को जल्दी पूरा करने की मांग को लेकर करीबन 2 माह तक आंदोलन किया था तो मार्च 2022 का समय दिया।

6. जून 2022 : उसके बाद अप्रैल में अधिकारियों ने संघर्ष समिति के बातचीत कर जून 2022 का समय मांगा। लेकिन अब इस समय तक तो 20 प्रतिशत बाकी कार्य की सामग्री पहुंचेगी।

बिजली कनेक्शन व जॉइंट की वजह से समय पर पूरा नहीें हो पाया प्रोजेक्ट
1. पंप सेट के लिए जॉइट नहीं : नर्मदा ईआर प्रोजेक्ट पर लग रहे पंप सेंट के जॉइट उपलब्ध नहीं हैं। जिसमें डेडवा, पालड़ी सोलंकीयान में पंप सेट के लिए 12 एमएम के जॉइंट लगने थे, जो कोलकाता से सप्लाई होते हैं। लेकिन यह अभी तक नहीं पहुंचे व जून माह तक आने की संभावना है।

2. भादरूणा-खारा तक बिजली लाइन : भादरुणा से खारा तक 33 केवी बिजली की लाइन आनी है। इस लाईन को लाने में 200 से अधिक स्टील के टॉवर चाहिए। लेकिन डिस्कॉम के पास उपलब्ध नहीं होने से कार्य अटका हुआ है।

ईआर प्रोजेक्ट...455.16 करोड़ का प्रोजेक्ट, रामसीन तक पानी पहुंचाना था
भीनमाल शहर एवं 307 गांवों व करीबन एक हजार से अधिक ढाणियों को नर्मदा का पानी पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 19 सितंबर 2013 को 455.16 करोड़ रुपए की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति जारी की थी। इसके तहत पालड़ी सोलंकियान में करीब 70 हैक्टेयर भू-भाग में डिग्गी (आरडब्ल्यूआर) निर्माण, खारा, क्षेमंकरी माता मंदिर भीनमाल व रामसीन में ब्रेकअप पॉइंट (इंटर मीडिएट बूस्टिंग स्टेशन) करीब 142 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाना पानी लाना प्रस्तावित है। इस योजना के पूर्ण होने के बाद शहर की पेयजल समस्या लगभग समाप्त हो जाएगी।

दो महीने आंदोलन कर चुके, यही हालात रहे तो फिर करेंगे
भीनमाल शहर को नर्मदा का पानी जल्दी मिले इसके लिए हमने अगस्त-सितंबर में 2 माह तक आंदोलन किया था, इसके बाद मार्च व जून तक पानी देने का समय दिया था। अब जून माह तक पानी नहीं मिलने की स्थिति में फिर से आंदोलन करेंगे। -शेखर व्यास, नर्मदा संघर्ष समिति भीनमाल

कंपनी को सामान की आपूर्ति नहीं हुई, अगस्त-सितंबर तक लग जाएगा
नर्मदा प्रोजेक्ट के तहत 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका हैं। शेष 20 प्रतिशत कार्य के लिए कंपनी को सामान की डिलीवरी नहीं हुई हैं। भादरूणा से खारा तक लाइन 33केवी लाइन खींचना भी शेष है। ऐसे में कार्य में देरी हो रही है। अब जून माह में सामान आने की संभावना जताई जा रही हैं, अगस्त-सितंबर तक काम पूरा होगा। -हरिराम चौधरी, एक्सईएन, नर्मदा ईआर प्रोजेक्ट

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