रणखार कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र का अफसरों ने लिया जायजा:प्रवासी पक्षियों के लिए पक्षी विहार बनाने के दिए निर्देश

जालोर3 दिन पहले
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रणखार कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र का अफसरों ने जायजा लिया और प्रवासी पक्षियों के लिए पक्षी विहार बनाने के निर्देश दिए। - Dainik Bhaskar
रणखार कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र का अफसरों ने जायजा लिया और प्रवासी पक्षियों के लिए पक्षी विहार बनाने के निर्देश दिए।

जालोर जिले के रणखार क्षेत्र को कंजर्वेशन रिजर्व एरिया घोषित करने के बाद जयपुर मुख्यालय से आला अफसर आज मौके की स्थिति का आंकलन करने के लिए यहां पहुंचे। अफसरों की टीम ने क्षेत्र का दौरा कर संतोष जताया।

मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अरिंदम तोमर ने बताया कि इस पूरे क्षेत्र की स्थिति महत्वपूर्ण है। यहां प्रवासी पक्षियों में फ्लेमिंगो समेत अन्य पक्षी भी पहुंचते हैं। वहीं झाखरड़ा में सफेद चिंकारा और कृष्ण मृग बड़ी संख्या में है। ये स्थिति कंजर्वेशन रिजर्व एरिया के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी और यहां वन्यजीव, प्रवासी पक्षी भी प्रजनन करने के साथ उन्मुक्त विचरण कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि झाखरड़ा वन क्षेत्र में वन्य जीवों के लिए प्राकृतिक रेस्क्यू सेंटर, प्रवासी पक्षियों के लिए पक्षी विहार बनाने को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान जालोर से उप वन संरक्षक यादवेंद्र सिंह चूंडावत, बाड़मेर डीएफओ संजय प्रकाश, रानीवाड़ा रेंजर श्रीराम विशनोई, धोरीमन्ना रेंजर नरसीगाराम गौड़, भंवरलाल भादू समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

तोमर ने बताया कि वन क्षेत्र में चारदीवारी और तालाबों का निर्माण करवाया जाएगा, ताकि वन्य जीवों और प्रवासी पक्षियों को पानी उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि रणखार और झाखरड़ा वन्य जीवों और प्रवासी पक्षियों को सुरक्षित क्षेत्र मुहैया करवाने के लिए वेटलैंड क्षेत्र विकसित हो सकता है। गौरतलब है कि जालोर जिले का रणखार क्षेत्र 25 अप्रैल को कंजर्वेशन रिजर्व एरिया घोषित किया गया था। यह राज्य का 15वां कंजर्वेशन रिजर्व एरिया है।