उदयपुर हत्याकांड के विरोध में बंद रहा जालोर:शहर में एक भी दुकान नहीं खुली, जगह-जगह गश्त करती नजर आई पुलिस

जालोर5 महीने पहले
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व्यापारियों ने एक राय होकर बंद को समर्थन दिया था, जिसके चलते शहर में कहीं भी कोई दुकान खुली नजर नहीं आई। - Dainik Bhaskar
व्यापारियों ने एक राय होकर बंद को समर्थन दिया था, जिसके चलते शहर में कहीं भी कोई दुकान खुली नजर नहीं आई।

उदयपुर हत्याकांड के विरोध में शनिवार को जालोर शहर बंद रहा। सभी व्यापारियों ने एक राय होकर बंद को समर्थन दिया था, जिसके चलते शहर में कहीं भी कोई दुकान खुली नजर नहीं आई। सुबह कुछ जगहों पर 4-5 दुकानें खुलने की सूचना मिली। इस पर दुकानदारों से तुरंत समझाइश कर दुकानें बंद करा दी गई। जालोर में बंद के दौरान पुलिस भी मुस्तैद दिखी। पुलिस की टीमें जगह-जगह गश्त करती नजर आई। खुद एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला भी गश्त करते दिखे। इसके अलावा पुलिस कंट्रोल रूम से भी मॉनिटरिंग होती रही।

जालोर में बंद के दौरान पुलिस भी मुस्तैद दिखी। पुलिस की टीमें जगह-जगह गश्त करती नजर आई।
जालोर में बंद के दौरान पुलिस भी मुस्तैद दिखी। पुलिस की टीमें जगह-जगह गश्त करती नजर आई।

हिंदू संगठनों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
उदयपुर में कन्हैया लाल हत्याकांड मामले को लेकर जालोर के व्यपारियों व हिंदू संगठनों ने बंद के आह्वान किया था। इस पर पूरा शहर बंद रहा। व्यापारियों ने हत्याकांड के विरोध में रैली निकालकर हत्यारों को फांसी की सजा देने की मांग की। इसके बाद लोगोंने ने कलेक्टर निशांत जैन को ज्ञापन सौंपा और बदमाशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

जालोर जिले में 4 दिन से नेटबंदी
उदयपुर हत्याकांड के बाद पूरे राजस्थान में धारा 144 लगाने के साथ ही नेटबंद कर दिया था। अब माहौल शांत होने के बाद प्रदेश के कई जिलों में धीरे-धीरे इंटरनेट चालू कर दिया है। जोधपुर संभाग में भी शनिवार सुबह इंटरनेट चालू कर दिया गया, लेकिन जालोर जिले में इंटरनेट बंद है।