क्रिकेट फाइनल में मांडोली को बिना खेले किया बाहर:अंपायर के गलत फैसले पर जताई थी आपत्ति, कलेक्टर से दोबारा मैच करवाने की मांग

जालोर2 महीने पहले
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मांडोली टीम के खिलाड़ियों ने कलेक्टर से मैच दोबारा करवाकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई। - Dainik Bhaskar
मांडोली टीम के खिलाड़ियों ने कलेक्टर से मैच दोबारा करवाकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई।

ग्रामीण ओलिंपिक में ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता में क्रिकेट के फाइनल मैच में मांडोली टीम को बिना खेले ही बाहर कर दिया गया और जसवंतपुरा को विजेता घोषित कर दिया। इस पक्षपात को लेकर मांडोली की टीम ने रविवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और मामले की जांच करने की मांग की। ज्ञापन में बताया कि मांडोली और जसवंतपुरा के बीच क्रिकेट का फाइनल खेला जाना था, लेकिन खेल कमेटी ने मांडोली टीम को धोखे में रखते हुए 30 मिनट बाद ही बिना पक्ष जाने और बिना संपर्क किए अगली टीम को विजेता घोषित कर दिया, जबकि हमारी पूरी टीम मैदान में ही खड़ी रही और खिलाड़ी कमेटी के निर्णय का इंतजार करती रही।

ज्ञापन में बताया कि मांडोली टीम की पहले बल्लेबाजी थी। मैच के पहले ओवर की दूसरी गेंद बेट्समैन अजय लौहार के कंधे पर लगी। इस पर लेग अंपायर ने उसे कैच आउट दे दिया। इस पर खिलाड़ी ने कंधे पर गेंद लगने की बात कही, लेकिन लेग अंपायर ने कहा कि मैंने आउट दे दिया तो दे दिया, जो करना है वो कर लो। इस बारे में ज्यादा बात की तो पूरी टीम को ही बाहर कर दूंगा। हम भी जानते है अंपायर का निर्णय अंतिम होता है तो हमने भी इस बात का मान लिया, लेकिन अंपायर ने आगे भी ऐसे ही निर्णय देने की बात कही तो हमने अंपायर अंपायर बदलने की बात कही। इस पर खेल कमेटी ने कहा कि हम कुछ देर में कमेटी की बैठक रखकर आपको सूचना देते है कि अंपायर बदलना है या नहीं, लेकिन कमेटी ने हमें कोई सूचना दिए बिना एकतरफा फैसला कर जसवंतपुरा को विजेता घोषित कर दिया।

खिलाड़ियों ने कहा कि अंपायर के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण हमने कमेटी से अंपायर को बदलने की मांग की, लेकिन कमेटी ने हमें धोखे में रखते हुए दूसरी टीम को विजेता घोषित कर दिया, जबकि हमारी पूरी टीम मैदान में ही खड़े होकर कमेटी के फैसले का इंतजार करती रही। मैच में अंपायर के जानबूझकर गलत फैसला देने पर टीम ने आपत्ति दर्ज करवाई, लेकिन कमेटी ने टीम का पक्ष जाने बिना दूसरी टीम को विजेता घोषित कर दिया, जो उनकी साजिश का हिस्सा थी। कमेटी मेजबान होने के नाते जसवंतपुरा टीम को ही विजेता बनानी चाहती थी, ऐसे में उन्होंने अंपायर से साठगांठ कर जानबूझकर गलत फैसला दिलवाया और इसका विरोध दर्ज करवाने पर बिना खेले ही टीम को बाहर निकाल दिया। खिलाड़ियों ने न्याय दिलाने की मांग की है।