स्वामी सच्चिादानन्द बोलें:मनुष्य वाणी पर संयम रखे, वाणी मित्र को शत्रु व शत्रु को मित्र बना देती है

जालोरएक महीने पहले
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मनुष्य को वाणी पर संयम रखना चाहिए, वाणी से किसी को ठेस नही पहुचाएं। वाणी से शत्रु मित्र बन जाता है और मित्र शत्रु बन जाता है। यह कहना है स्वामी सच्चिादानन्द महाराज का। वे सोमवार को भाटीप गांव में आयोजित सात दिवसीय जाभाणी हरि कथा ज्ञान यज्ञ के षष्ठम् दिन व्यासपीठ से कथा वाचन कर रहे थे। उन्हाेंने कथा श्रवण कर रहे श्रद्धालुओं से कहा की वाणी को विचार करके बोलना चाहिए, वाणी से किसी की निंदा नही करनी चाहिए। झूठ नहीं बोलना चाहिए, व्यर्थ वाद विवाद नहीं करना चाहिए। शब्द को नाप तौल कर बोलना चाहिए। उन्हाेंने भजन जुबान तैसी मिठी क्या जगत में, जुबान जैसी खारी क्या के माध्यम से भी वाणी पर संयम रखने की सीख दी। वही व्रत के महत्व के बारें में जानकारी देते हुए अमावस्या के दिन व्रत रखने की बात कही। उन्होंने पर्यावरण संतुलन के लिए अधिकाधिक वृक्ष लगाने व संरक्षण करने की बात कही। िजस पर माैजुद श्रद्वालुओं ने इस साल बारिश के माैसम में 363 वृक्ष लगवाने का संकल्प लिया। जीव दया का पालन करते हुए प्राणी मात्र के प्रति दया का भाव रखने व सेवा करने की बात कही। कथा का समापन मंगलवार को होगा। मंगलवार को सवेरे यज्ञ का आयोजन होगा, जिसमें समाजबंधु आहुतियां देंगे। साथ ही गुरुमंत्राें से निर्मित पाहल को ग्रहण कर नशा व कुरीतियाें को त्यागने का सकल्प लेंगे।

बच्चों संग बुजुर्गों ने दी परीक्षा
भाटीप गांव में आयोजित जाभाणी हरि कथा के दौरान रविवार को बिश्नोई समाज साहित्य संस्कार परीक्षा का आयोजन किया गया। जिसमे बालक, बालिकाओं के साथ ही साथ युवा व बुजुर्गों ने भाग लिया। वर्तमान पीढ़ी को शिक्षा के साथ-साथ संस्कारवान बनाने की जरूरत है। परीक्षा में पुरुष सीनियर वर्ग में दिनेश खिलेरी ने प्रथम व प्रेमाराम ने द्वितीय स्थान हासिल किया। महिला वर्ग में प्रियंका ने प्रथम व सीमा ने द्वितीय स्थान हासिल किया। बालक वर्ग में सुरेश ने प्रथम व मनीष ने द्वितीय स्थान हासिल किया।

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