जालोर में खुलेगी SOG की नई फील्ड यूनिट:पेपर लीक और संदिग्ध गतिविधियों पर रहेगी नजर

जालोर6 महीने पहले
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राज्य सरकार ने जालोर में SOG की फील्ड यूनिट खोलने की मंजूरी दी है। इसके लिए नए पद मंजूर किए गए हैं। - Dainik Bhaskar
राज्य सरकार ने जालोर में SOG की फील्ड यूनिट खोलने की मंजूरी दी है। इसके लिए नए पद मंजूर किए गए हैं।

राज्य सरकार ने 3 जगहों पर SOG फील्ड यूनिट खोलने की मंजूरी दी है। इन नई यूनिट्स में लगाए जाने वाले इक्विपमेंट्स के लिए राशि भी जारी कर दी है। नई यूनिट खुलने से जालोर, बाड़मेर और सीमावर्ती जिले में हो रही संदिग्ध गतिविधियों को ट्रेस आउट करने में आसानी होगी।

दरअसल, राज्य सरकार को भिवाड़ी, बाड़मेर, भरतपुर, जालोर और झुंझुनू में एसओजी की 5 नई फील्ड यूनिट्स के गठन का प्रस्ताव मिला था। सरकार ने पहले चरण में बाड़मेर, भरतपुर और भिवाड़ी में नई यूनिट्स का गठन किया है। दूसरे चरण में जालोर और झुंझुनूं में एसोजी की फील्ड यूनिट का गठन होगा। भारत-पाक बॉर्डर से सटा जिला होने के कारण बॉर्डर के उस पार से और जिले भर में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जालोर-बाड़मेर में एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) नई फील्ड यूनिट की मंजूरी काफी मायने रखती है। नई

गौरतलब है कि बीते काफी समय से एसओजी की भूमिका बढ़ती जा रही है। रीट पेपर लीक मामला, क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी सहित कई मामलों में एसओजी की टीम जयपुर और जोधपुर से बाड़मेर, जालोर पहुंच कर कार्रवाई कर रही है। इससे एसओजी को आरोपियों को पकड़ने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में थोड़ी परेशानी होती रही है। अब नई फील्ड यूनिट खुलने से एसओजी हर गतिविधि पर पैनी नजर रख सकेगी।

जालोर जिले में SOG ने REET के मामले में अभी तक 12 से ज्यादा गिरफ्तारियां की हैं। एसओजी के ADG अशोक राठौड़ जालौर का कई बार दौरा कर चुके हैं । यहां SOG की यूनिट खुलने से इस तरह के मामलों पर रोक लग सकेगी।

जालौर में SOG यूनिट खुलने का प्रभाव
जालोर जिला हर प्रतियोगिता परीक्षाओं को लेकर चर्चाओं में रहता है। कभी पेपर लीक मामला, कभी पेपर सॉल्व को लेकर तार जुड़े होना। राजस्थान पुलिस भर्ती में जालौर जिले में सेंटर भी नहीं दिया गया था। क्योंकि दर्जनों भर्तियों में पेपर लीक का सेंटर जालौर रहा है। पिछले 4 महीनों से एसओजी जिले में ही डेरा डाले हुए हैं।आज भी कई आरोपी भूमिगत हैं। ऐसे में एसओजी की यूनिट खोलने से रात दिन मेहनत करने वाले युवाओं के साथ एक तरह से इंसाफ होगा। पेपर आउट या लीक पर रोक लगने की संभावना बढ़ेगी।