दलित छात्र इंद्र कुमार मेघवाल की मौत का मामला:झगड़े थे दो बच्चे, छैल सिंह ने दोनों को थप्पड़ मारे, स्कूल में एक टंकी से पानी पीते हैं सब

जालोर4 महीने पहलेलेखक: मांगीलाल जाणी
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सुराणा के सरस्वती विद्यालय के तीसरी कक्षा के दलित छात्र इंद्र कुमार मेघवाल की मौत का मामला चौथे दिन मंगलवार को भी गरमाया रहा। इंद्र कुमार ने गत शनिवार को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में दम तोड़ दिया था। आरोप है कि स्कूल के हेड मास्टर छैल सिंह द्वारा पीटने से इंद्र कुमार की हालत बिगड़ गई थी।

परिजनों का यह भी आरोप है कि हेड मास्टर के लिए रखी पानी की मटकी से पानी पीने के कारण पिटाई की गई, हालांकि अब तक की पुलिस जांच और शिक्षा विभाग की जांच में इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। बहरहाल आरोपी शिक्षक छैल सिंह को शनिवार की रात को ही हिरासत में ले लिया गया था और हत्या और एससी एसटी एक्ट में गिरफ्तारी हो चुकी है।

छात्र की मौत और कथित छुआछूत का मुद्दा तूल पकड़े हुए है। तीन दिन में 10 के करीब मंत्री, विधायक सहित कई बड़े नेता गांव आ चुके हैं। दूसरी ओर गांव में 36 कौम के लोगों ने भी महापड़ाव डाल दिया है। इनमें दलित समाज के लोग भी शामिल हैं। इनका कहना है कि जातिवाद के नाम पर गांव को बदनाम किया जा रहा है। महापड़ाव में शामिल सुराणा के नरसाराम मेघवाल ने कहा कि इस विद्यालय में पिछले कई वर्षों से कोई पानी मटकी व भेदभाव नहीं देखा है। यह माहौल बिगाड़ने की कोशिश है। भास्कर मामले की पड़ताल की।

हेड मास्टर की अलग मटकी से पानी पीने के आरोप पर परिजन अडिग, सहपाठी, स्कूल स्टाफ, ग्रामीणों का छुआछूत से इनकार इंद्र से झगड़ने वाले छात्र राजेश ने कहा- पानी और छुआछूत की बात सही नहीं राजेश दर्जी, कक्षा 3 इंद्र और मैं 20 जुलाई को चित्रकला को लेकर झगड़े थे। छैलसिंह सर आ गए। दोनों को एक-एक चांटा मारा था। स्कूल में दो साल से पढ़ रहा हूं, पानी काे लेकर भेदभाव नहीं देखा। नरेश मेघवाल, कक्षा 7 7 वर्षों से इस विद्यालय में पढ़ाई कर रहा हूं, लेकिन पानी की अलग टंकी को नहीं देखा। बाकी क्या मामला हुआ, इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। ईश्वर, कक्षा 6 विद्यालय में एक ही पानी की टंकी है। छैल सिंह समेत सभी शिक्षक एक ही टंकी से पानी पीते हैं। विद्यालय में अलग कोई मटकी अभी तक नहीं देखी।

36 कौम एकजुट, बोले- शिक्षक को सजा मिले, पर जातिवाद न भड़काएं जातिवाद व छुआछूत का आरोप लगने के बाद गांव में आक्रोश है। सभी समाजों के साथ दलित वर्ग भी महापड़ाव में शामिल हैं। इनका कहना है गांव का माहौल बिगाड़ा जा रहा है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा और मंत्री गांव आए तो उन्हें ज्ञापन देकर मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर शिक्षक आरोपी है तो उनको सजा मिलनी चाहिए, लेकिन मामले को जातिवाद से जोड़कर गांव को बदनाम किया जा रहा है।

सरस्वती स्कूल के 73 बच्चे, 8 शिक्षकों में से 5 शिक्षक दलित सरस्वती विद्यालय में कुल 352 विद्यार्थियों में से सामान्य के 126, ओबीसी से 154, एससी के 64 व एसटी के 09 विद्यार्थी हैं। 8 के स्टाफ में अशोक जीनगर, गटाराम मेघवाल, गणाराम मेघवाल, अजमल भील व मावाराम भील दलित समाज से हैं। एक शिक्षक ओबीसी वर्ग से शैतानाराम प्रजापत है। छैल सिंह और आईदान सिंह सामान्य वर्ग से। शिक्षक अशोक जीनगर ने बताया कि स्कूल में एक ही टंकी से सब पानी पीते हैं।

छैलसिंह के निवास से पीया था पानी इंद्र से पिटाई का कारण पानी ही था। स्कूल में छैलसिंह के िनवास से इंद्र पानी पीकर आया था। इसको लेकर पिटाई की। ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा। -किशाेर कुमार, इंद्र का चाचा मटकी का मामला नहीं आया सामने ^पूरे मामले में अभी तक मटकी का पार्ट नहीं अा रहा है। इस पर गहनता से अनुसंधान की जरूरत है। अब तक अलग-अलग पक्ष की बातें अा रही हैं। सभी पक्षाें काे ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। -डाॅ. अनुकृति उज्जैनिया, एएसपी शिक्षा विभाग की जांच में पुष्टि नहीं ^रविवार को मौके पर गए थे। स्कूल के बच्चे भी थे। भीड़ ज्यादा होने से जांच पूरी नहीं हो पाई। अलग मटकी से पानी पीने और छुआछूत की बात सामने नहीं आई है। स्कूल में एक ही टंकी से पानी पीने की बात सामने आ रही है। -रेवाशंकर गर्ग, सीबीईओ, सायला

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