बीडीओ का सर्वे:जहां महिला मेट वहां बेहतर काम, भुगतान भी ज्यादा, इसलिए रानीवाड़ा में 53.17% मेट महिलाओं को बनाया

जालोर2 महीने पहले
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महिलाओं को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। इन महिलाओं ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में भी श्रमिकों को मिलने वाली मजदूरी (धनराशि) बढ़ा दी है। ऐसा रानीवाड़ा पंचायत समिति के विकास अधिकारी नारायणसिंह राजपुरोहित द्वारा किए गए निरीक्षण व सर्वे में सामने आया है। लंबे समय से मनरेगा पर हो रहे कार्य का राजपुरोहित अपने क्षेत्र में निरीक्षण के साथ-साथ श्रमिकों को मिलने वाली राशि पर नजर रख रहे थे।

उन्होंने देखा कि जहां पर महिलाएं मेट अधिक है, वहां पर मनरेगा का समर्पित, मेहनत, निष्ठावान व ईमानदारी के साथ कार्य होने से वहां पर श्रमिकों को प्रतिदिन मिलने वाल भुगतान अधिक होने के साथ-साथ अनुशासन का पालन हो रहा। ऐसे में उन्होंने पहल करते हुए रानीवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र में महिला मेटों को नियोजन करने पर जोर देते हुए 820 में से 436 मेट लगा दी। अब जिले में 53.17 प्रतिशत महिला मेटों के साथ रानीवाड़ा पंचायत समिति प्रथम स्थान पर है।

रानीवाड़ा पंचायत समिति में कुल 820 में से 436 मेट महिलाएं, जबकि जिले में 10 हजार 629 में से 4960 महिलाओं को मौका मनरेगा कार्य में 10629 मेट हैं। पुरुष 5669 व महिलाएं 4960 के साथ करीब 46.66 प्रतिशत है। रानीवाड़ा में 820 मेट में से 384 पुरुष व 436 महिलाएं है। सरनाऊ में 52, जालोर में 51, आहोर व बागोड़ा में 49-49, भीनमाल व चितलवाना में 48-48, सायला व जसंवतपुरा में 47-47 व सांचौर में सबसे कम 38 प्रतिशत महिला मेट कार्यरत है।

ऐसे मिलती है मजदूरी: काम के सर्वें के बाद अधिकतम 231 रुपए श्रमिकों को मिलते हैं मनरेगा श्रमिकों को कार्य के आधार पर अधिकतम 231 रुपए मजदूरी मिलती है। मेट को प्रतिदिन 235 रुपए तय होते हैं। निरीक्षण में सामने आया कि जहां पुरुष मेट है, वहां श्रमिकों की मजदूरी कम बन रही। उन्होंने पहल करते हुए महिलाएं मेट लाने पर जोर दिया। सभी ग्राम विकास अधिकारियों को लक्ष्य दिया कि प्रत्येक पंचायत से बेरोजगार 5 शिक्षित महिलाओं को मेट के लिए प्रेरित करें। उसके बाद ग्राम विकास अधिकारियों ने यह लक्ष्य हासिल करते हुए यहां पर अधिकतर महिलाएं मेट लगा दी है। राजपुरोहित ने बताया कि आगामी कुछ दिनों तक 80 प्रतिशत महिला मेट लगाने के लक्ष्य पर काम कर रहे।

कागमाला में औसत 221 रु. मिले, धामसीन में 173 50 श्रमिकों पर एक मेट होता है। रानीवाड़ा पंचायत समिति के कागमाला गांव में सितंबर माह के दौरान महिला मेट थी। यहां पर श्रमिकों की प्रतिदिन औसत मजदूरी 221 रुपए मिले। इसी प्रकार रानीवाड़ा के धामसीन गांव में पुरुष मेट अधिकतर है, यहां पर श्रमिकों को मिलने वाली राशि 173 औसत रुपए बनी है।

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