चार दिवसीय प्राथमिक प्रशिक्षण शिविर का समापन:संचालक बोले- कुरीतियों को त्याग कर आधुनिक भारत का निर्माण करें

झालरापाटनएक महीने पहले
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झालरापाटन में क्षत्रिय युवक संघ की ओर से आयोजित चार दिवसीय प्राथमिक प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। शिविर संचालक प्रेम सिंह रणधा ने कहा कि शिविर में संचित ज्ञान को अपने मित्रों में बांट कर अमृत रूपी वातावरण बनाए। अपनत्व को भूले नहीं हमेशा याद रखें। हमारे पूर्वज क्षत्रिय सदा परोपकारी रहे हैं। क्षत्रिय समाज त्याग, बलिदान और वीरता के लिए आगे रहा है। हमें कुरीतियों को त्याग कर आधुनिक क्षत्रिय युवक संघ की संस्कार मयी कर्म प्रणाली द्वारा व्यक्तिगत संस्कार का निर्माण करना है। हमारे महापुरुषों ने शिक्षा, शूरवीरता, तपस्या, आध्यात्मिक सहित विभिन्न क्षेत्रों में सीमाएं बांधी है। क्षत्रिय जन्म से नहीं कर्म से बनता है।

रणधा ने कहा कि आप सभी जब यहां आए तो परिसर और संघ आपके लिए नया था। स्वागत के समय आपके भाल पर तिलक किया गया और विदा के समय पर भी तिलक किया गया। यह विदाई अंतिम विदाई नहीं है, आपके अंदर जो संघ की ज्योति जगी है और जो आपने यहां सीखा है, उसे संजो कर नहीं रखें, बल्कि औरों को भी बांटे। संसार का वातावरण विषैला है। जब आपको लगे कि शिविर की ऊर्जा क्षीण हो गई है तो फिर से ऐसे शिविर में आए और आचरण में डालें।

उन्होंने कहा कि 24 घंटे में एक घंटा निकालकर संघ की शाखा में जाएं और नियमित और निरंतर अभ्यास कर अपनी रजशक्ति को सात्विक बनाकर समाज की रक्षार्थ कार्य करें। शिविर में 120 स्वयंसेवकों ने भाग लिया।

शिविर व्यवस्था में प्रहलाद सिंह आमेठा, राजेंद्र सिंह रटावद, ईश्वर सिंह बरखेड़ा, नारायण सिंह मुंगेरिया, मेघ सिंह मुंगेरिया का सहयोग रहा। कार्यक्रम में संघ संरक्षक भगवान सिंह रोल साहब सर के झालावाड़ प्रवास कार्यक्रम तय किए जाने की जानकारी दी।

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