श्रीमद्भागवत कथा का छठा दिन:कृष्ण-रुक्मणि विवाह की कथा सुनाई, संत बोले- लीलाओं में श्री भी बनती है हरि की सहयोगी

चिड़ावा9 दिन पहले
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चिड़ावा में कथाव्यास चित्रकूट की तुलसी पीठ के संत राजाराम महाराज ने यहां मंड्रेला रोड पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कृष्ण रुक्मणि प्रसंग की विस्तार से व्याख्या की।

उन्होंने कहा कि हरि की लीला में हमेशा श्री की भागीदारी रही है यानी जब भी भगवान धरती पर आते हैं तो मां भगवती भी अवतरित होती है। राम के साथ सीता और कृष्ण के साथ रुक्मणि के रूप में भगवान की लीला में मां भगवती लीला में सहभागी बनी। महाराज ने कहा कि संसार चक्र ईश्वरीय लीला का हिस्सा है।

कथा से पहले मुख्य यजमान सुरेश जलिन्द्रा ने सपत्नीक भागवत व व्यास पूजन किया। इस मौके पर ओमप्रकाश,सुनीता, गौरव, सांवरमल, बिल्लू, राजकुमार, ज्ञानप्रकाश, प्रदीप, दिनेश, गीता देवी, मंजू सहित काफी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे।

इस दौरान कृष्ण-रुक्मणि विवाह की झांकी ने सभी का मन मोह लिया। कथा के दौरान राधाकिशोरी व हीरालाल द्वारा दी गई सुंदर भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालु झूम उठे।

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