चिड़ावा में फैल रहा लंपी का प्रकोप:गायों की सेवा के लिए आगे आईं महिलाएं, बचत के रुपए गौशाला को दिए

चिड़ावा18 दिन पहले
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गौवंश में फैली लंपी बीमारी ने हर किसी को झकझोर दिया है। हर कोई गौवंश की सेवा में जुटा है। इसी कड़ी में महिलाएं और युवतियां भी बेसहारा गौवंश की सेवा कर इंसानियत का धर्म निभा रही हैं। कोविड रिलीफ सोसाइटी के बैनर तले पीड़ित गोवंश के लिए ये आयुर्वेदिक दवाओं के लड्डू तैयार कर इन लड्डुओं को लेकर शहर में विभिन्न स्थानों पर लम्पी रोग ग्रसित गौवंश को अपने हाथों से खिलाकर उनकी सेवा भी कर रही हैं।

सेवा भाव से एकजुट हुईं महिलाएं
गौवंश को बचाने की मुहीम में बड़ी संख्या में महिलाएं ले एकजुट होकर अपना योगदान किसी ना किसी रूप में दे रही हैं। वार्ड 20 में कोविड रिलीफ सोसाइटी से जुड़ी महिलाएं भी गोवंश की सेवा में अपना योगदान दे रही हैं। विमला देवी ककरानिया, उषा देवी मिश्रा, दिव्या सुलतानिया, नेहा ककरानिया, श्रेया सुलतानिया, निशु सुलतानिया, रश्मि ककरानिया, रितिका सुलतानिया, खुशी ककरानिया आदि महिलाएं और युवतियां घर पर एकत्र होकर आयुर्वेदिक दवाईयों का चूर्ण बनाकर दवा के लड्डू तैयार करने का कार्य कर रही हैं।

श्याम सखी दरबार ने नंदी शाला में भेंट किए 31 हजार
महिलाओं के समर्पण का भाव का उदाहरण भी चिड़ावा में देखने को मिल रहा है। महिलाओं के सेवाभावी संगठन श्याम सखी दरबार ने भी गोवंश की मदद को सहयोग का हाथ बढ़ाया है। दरबार से जुड़ी महिलाओं ने रेखा हिम्मतरमका के नेतृत्व में अपनी बचत को एकत्र कर आज नंदी गौशाला जाकर 31 हजार की सहायता राशि का चेक गौरक्षा दल के सदस्यों को सौंपा। वहीं दो मुस्लिम युवक आरिफ और नावेद भी गौ सेवा कार्य में जुटे हुए हैं। ये अन्य साथियों के साथ रात के समय गायों की सेवा करते नजर आ रहे हैं।

महिलाओं ने नदींशाला जाकर चेक भेंट किया
महिलाओं ने नदींशाला जाकर चेक भेंट किया
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