खुदाई में मिले कारतूस:नाहरसिंघानी में पाइप लाइन खुदाई के दौरान मिले 31 जिंदा कारतूस, पुलिस के अनुसार साल 1963 में निर्मित है कारतूस

नवलगढ5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

नाहर सिंघानी में पाइप लाइन की खुदाई के दौरान रविवार को 31 जिंदा कारतूस मिले है। कारतूस मिलने की सूचना पर मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना विद्याधर गुरावा को दी। विद्याधर की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और इन जिंदा कारतूसों को जब्त किया।

मुकुंदगढ़ थानाधिकारी रामस्वरुप बराला ने बताया पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि कारतूस काफी साल पुराने है, जिन पर जंग लगा हुआ है। ग्रामीणों अनुसार गांव के सार्वजनिक चौक में बड़ के पेड़ के निकट नंदलाल कांटीवाल के मकान से गंदे पानी को चैंबर में छोड़ने के लिए पाइप लाइन की खुदाई का काम किया जा रहा था।

इस दौरान करीब एक-दो फीट मिट्टी खुदाई के बाद कारतूस दबे हुए मिले। मजदूरों की सूचना पर विद्याधर गुरावा, रामसिंह सूबेदार, सांवरमल सैन, निर्मल, सुरेंद्र, अशोक शर्मा, रामप्रताप शर्मा, धीरज शर्मा सहित अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे।

वर्ष 1963 में निर्मित है कारतूस

जिंदा कारतूसों पर वर्ष 1963 निर्मित लिखा हुआ है। ये कारतूस थ्री नोड थ्री राइफल के है। यह हथियार काफी सालों से अब बंद है और उपयोग में नहीं लिए जा रहे हैं, फिर भी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है और 102 सीआरपीसी में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

जोहड़ की डाली गई थी मिट्‌टी

ग्रामीणों ने बताया कि जहां पर खुदाई चल रही थी, वहां पर जोहड़ खुदाई की मिट्‌टी डाली गई थी। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि डाली गई मिट्‌टी के साथ यह कारतूस आ सकते है। पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच में जुटी है।

खबरें और भी हैं...