बुखार, मुहं-हाथ-पैर-पेट पर छाले है तो सावधान!:झुंझुनूं में रोज सामने आ रहे  हैं 5 से 7 बच्चे

झुंझुनूं4 महीने पहले
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झुंझुनूं जिला अस्तपाल में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टर्स की ओर से  भी एहतियात बरतने के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं। - Dainik Bhaskar
झुंझुनूं जिला अस्तपाल में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टर्स की ओर से भी एहतियात बरतने के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं।

बच्चों में बुखार के साथ-साथ हाथ-पैरों, मुंह, कोहनी, पेट, कुल्हों पर पानी एवं मवाद से भरें छाले हो रहे है तो सावधान हो जाइये, तुरंत डॉक्टर दिखाएं। बीडीके अस्पताल में हर रोज ऐसे केस आ रहे हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर वीडी बाजिया ने बताया कि हर ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ रही है।

एचएफएमडी से 2 से 5% बच्चों को ही भर्ती करने की आवश्यकता होती है। गंभीर अवस्था को प्लाज्मा थैरेपी या इम्नोग्लोब्यूलीन से नियंत्रित किया जा सकता है। अधिकतर परिजन दो-तीन के बुखार के बाद मुंह में दर्द युक्त पानी-मवाद के छालों के बारे बताते हैं। जो कि क्लिनिकल एचएमएफडी बीमारी हो सकती है।

ये है खास विशेषताएं वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ जितेन्द्र भाम्बू ने बताया कि (एचएमएफडी) हैंड-फुट-माऊथ-डिजीज कोक्सेकी-ए-16 वैरिएंट वायरस के संक्रमण से होती है। एचएमएफडी में दर्द युक्त पानी-मवाद, मवाद के छाले एवं बुखार मुख्य विशेषताएं हैं । कभी कभार अन्य वैरिएंट यथा कोक्सैकी ए-6,इंटरोवायरस के संक्रमण से गंभीर तकलीफ़ भी हो जाती हैं।

लक्षण

-तेज/हल्का बुखार

-मुहं, हाथ,पैर, पेट, कुल्हों, कोहनी पर पानी-मवाद से भरे दर्द युक्त छालों का होना

-भूख नहीं लगना

-खांसी,उल्टी होना आदि

संक्रमण से भी फैलती है यह बीमारी

एचएमएफडी अत्यधिक संक्रामक बीमारी है। सम्पर्क में आए 50% अन्य बच्चों को संक्रमित कर सकता है।

संक्रमित बच्चों के सम्पर्क में आने के बाद लगभग 3-6 दिन में बीमारी के लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

संक्रमित बच्चा अन्य बच्चों को 21 दिन तक संक्रमण फैला सकता है।

शरीर में पानी की कमी और हथेली-तलवों की चमड़ी भी उतरने चांस

छालों का पूर्ण शरीर पर फैलाव एक्जिमा कोक्सैकियम कर सकता है। कौक्सैकी ए-6 वैरिएंट ज्यादा गंभीर बीमारी कर सकता है। इसमें तेज बुखार, पूर्ण शरीर पर दर्दयुक्त छालों के साथ साथ शरीर में पानी की अत्यधिक कमी एवं हथेली-तलवों की चमड़ी उतरने लगती है।तथा नाखून कमजोर होने लगते हैं।

साफ सफाई पर रहे खास फोकस

-हैंड वॉशिंग

-साफ सफाई

-भीड़भाड से बचें

-इंटेरोवायरस ए-71 वैक्सीन काफी प्रभावी है।