खेती में ‘सशक्त’ होंगे महिलाओं के हाथ:कृषि यंत्रों के लिए मिलेगा अनुदान, कृषि यंत्र विक्रेता होंगे पंजीकृत

झुंझुनूं2 महीने पहले
खेती में ‘सशक्त’ होंगे महिलाओं के हाथ

राजस्थान कृषि श्रमिक संबल मिशन में भूमिहीन महिला कृषि श्रमिकों को हस्तचालित कृषि यंत्रों पर अनुदान पर देने की योजना विभाग की ओर से शुरू की गई है। इसके तहत झुंझुनूं जिले में 2454 महिला श्रमिकों को इसका लाभ मिल सकेगा। इसके किए झुंझुनूं में 1 करोड़ 22 लाख 70 हजार रुपए का बजट मिला है।

कृषि यंत्र खरीद के लिए मिलेंगे पांच हजार

योजना के तहत जिले में कृषि कार्यों में लगी 2454 भूमिहीन महिला श्रमिकों को हस्तचालित कृषि यंत्रों के खरीद करने पर पांच-पांच हजार रुपए का अनुदान मिलेगा। एक श्रमिक को कृषि यंत्र खरीदने के लिए पांच हजार रुपए प्रति परिवार के हिसाब से अनुदान राशि दी जाएगी।

इस तरह होगा लाभार्थी का चयन

इस योजना की जिले में क्रियान्विति के लिए सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, राजस्थान से कोविड.19 एक्सग्रेसिया प्राप्त महिला, बीपीएल, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति महिलाओं की सूची प्राप्त की गई। प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक कमेटी की ओर से इनका चयन किया जाएगा।

योजना में लाभ के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच की अध्यक्षता में एक गठित कमेटी की जाएगी। इसमें सरपंच अध्यक्ष, ग्राम विकास अधिकारी सदस्य तथा कृषि पर्यवेक्षक सदस्य सचिव होंगे। जिले के आवंटित लक्ष्यों को ग्राम पंचायतवार निर्धारित किया जाएगा। ग्राम पंचायतवार लक्ष्यों के अनुसार डेढ़ गुना तक प्रतीक्षा सूची भी बनाई जाएगी। इसकी मुख्य सूची में से चयनित किसी श्रमिक की ओर से कार्यक्रम का लाभ नहीं लेने पर वरियता क्रमवार लाभान्वित किया जाएगा।

जिले में यह है स्थिति

झुंझुनूं जिले में भूमिहीन महिला श्रमिकों की संख्या 2454 है। इसमें से बीपीएल श्रमिकों की संख्या 1564, अनुसूचित जाति की संख्या 798, अनुसूचित जनजाति श्रमिकों की संख्या 92 है।

मोबाइल एप पर अपलोड किए जाएंगे श्रमिकों के नाम

योजना के तहत ग्राम पंचायतवार लक्ष्यों के अनुसार उक्त समिति की ओर से राज किसान साथी पोर्टल पर प्रदत्त सूची में से भूमिहीन महिला कृषि श्रमिकों का चयन किया जाएगा। चयनित श्रमिकों की मुख्य सूची को कृषि पर्यवेक्षक की ओर से इस कार्यक्रम के लिए राज किसान साथी के मोबाइल एप पर जन आधार नंबर के साथ अपलोड कर ऑनलाइन किया जाएगा।

मुख्य सूची में चयनित श्रमिकों को योजना का लाभ लेने के लिए स्वीकृति से 60 दिवस का समय दिया जाएगा। निर्धारित अवधि में कृषि यंत्र नहीं लेने वाले श्रमिकों की संख्या के अनुसार संबंधित कृषि पर्यवेक्षक की ओर से प्रतीक्षा सूची में से श्रमिकों के नाम मोबाइल ऐप पर अपलोड किए जाएंगे। चयनित श्रमिक के मोबाइल पर ओटीपी, एक्यूआर कोड या लिंक सहित योजना में चयनित होने का मैसेज भी आएगा।

लक्ष्य मिले हैं, दिए हैं निर्देश

उप निदेशक कृषि ने बताया कि योजना के तहत जिले को लक्ष्य मिले हैं। इसके तहत जिले में योजना को लेकर प्रचार-प्रचार किया जा रहा है। भूमिहीन महिला श्रमिकों को हस्तचलित कृषि यंत्र दिए जाएंगे। जिससे महिला श्रमिकों की कार्य कुशलता बढ़ेगी। इससे उत्पादन में वृद्धि हो सकेगी।