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  • IB's Input Was That Peace Could Have Deteriorated, After This The SP Suspended The SHO And The Head Constable, The Case Was Registered After Two Days.

गुढ़ागाैड़जी में हमला:आईबी का इनपुट था शांति व्यवस्था बिगड़ सकती थी, इसके बाद एसपी ने एसएचओ व हैडकांस्टेबल काे किया निलंबित, दाे दिन बाद केस दर्ज

झुंझुनूं10 दिन पहले
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महेंद्र हैडकांस्टेबल - Dainik Bhaskar
महेंद्र हैडकांस्टेबल

गुढ़ागाैड़जी थाना पुलिस की लापरवाही के चलते इलाके में शांति व्यवस्था बिगड़ सकती थी। क्योंकि कस्बे में 11 मई काे हुए जानलेवा हमले और उसके जवाब में एक दुकान में की गई ताेड़फाेड़ व आगजनी काे लेकर पुलिस ने गंभीर लापरवाही बरती। मामले की गंभीरता काे देखते हुए 12 मई काे आईबी जयपुर ने एसपी काे यह इनपुट दिया था। जिस पर एसपी प्रदीपमाेहन शर्मा ने 13 मई काे गुढ़ागाैड़जी एसएचओ संजय वर्मा व घायल के बयान लेने वाले हैडकांस्टेबल महेंद्रकुमार काे निलंबित कर दिया।

दो दिन बाद दाेनाें पक्षाें की ओर से मुकदमे दर्ज किए। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने तीन काे गिरफ्तार किया और तीन अपचारियाें काे निरुद्ध किया है। स्थानीय पुलिस ने जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल हुए युवक के बयान लेने के बाद भी मुदकमा दर्ज नहीं किया। साथ ही उच्चाधिकारियाें काे भी इसकी सूचना नहीं दी।

नतीजा यह हुआ कि दूसरे पक्ष ने हमले की रात एक दुकान में ताेड़फाेड़ कर आग लगा दी। इसे लेकर दुकान मालिक थाने में रिपाेर्ट देने भी गया, पुलिस ने उससे शिकायत ताे ले ली, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया। प्रदेश में पिछले दिनाें कराैली और जाेधपुर में शांति व्यवस्था बिगड़ने के बाद से हाई अलर्ट आईबी ने इस घटना की अपने स्तर पर जांच की और 12 मई काे ही इसका इनपुट दिया था।

लापरवाही : गुढ़ा पुलिस ने न मुकदमा दर्ज किया, न ही उच्चाधिकारियाें काे बताया

दैनिक भास्कर ने मामले की पड़ताल की ताे सामने आया कि युवाओं में विवाद काे लेकर 11 मई दाेपहर में कहासुनी हुई थी। इसके बाद शाम काे घूमचक्कर चाैक के पास झगड़ा हुआ। जिसमें गुढ़ागाैड़जी निवासी अमित कुमार व खेदड़ाें की ढाणी निवासी अजय घायल हाे गए थे। अमित काे पहले गुढ़ागाैड़जी और फिर वहां से बीडीके अस्पताल झुंझुनूं ले जाया गया।

बाद में जयपुर रैफर किया गया था। जहां उसका ऑपरेशन हुआ। मामले में सूचना मिलने पर हैडकांस्टेबल महेंद्रकुमार तहरीर लेने बीडीके अस्पताल गए थे। तहरीर लेकर आए, लेकिन न ताे मुकदमा दर्ज हुआ और न ही इसकी उच्चाधिकारियों को सूचना दी। इस पर अमित के पक्ष के लोगों ने 11 मई की रात काे गुढ़ागौड़जी स्थित किराणा की एक दुकान में ताेड़फाेड़ कर आग लगा दी।

एक महीने पहले भी विवादाें में आए थे एसएचओ : पिछले महीने अंबेडकर जयंती पर गुढ़ागाैड़जी में हुए समाराेह में थानाधिकारी संजय वर्मा ने मंत्री राजेंद्र गुढ़ा के कार्याें की तारीफ करते हुए कहा था कि एससी-एसटी समुदाय के लाेगाें पर अत्याचार हाेता है ताे मंत्रीजी तुरंत एक्शन लेते हैं। इसलिए समाज काे इनका सहयाेग करना चाहिए। आने वाले समय में मंत्री का सहयाेग करने का आह्वान भी किया था। यह वीडियाे साेशल मीडिया पर वायरल हुआ था। तभी से उन पर नजर थी।

दाेनाें पक्षाें के तीन आरोपी गिरफ्तार व 3 बाल अपचारी निरुद्ध

झगड़े व आगजनी के मामले में दाेनाें पक्षाें के तीन आराेपी काे गिरफ्तार किया गया है। जबकि तीन बाल अपचारियों को निरुद्ध किया गया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आराेपी गुढागाैड़जी निवासी शाकिर उर्फ नाजिया (18) बाबू, अजय उर्फ चिमन (19) पुत्र रामावतार, कमल उर्फ कमलेश पुत्र रामचंद्र काे गिरफ्तार किया गया है।

मामले में मेरी काेई गलती नहीं है। जिस दिन झगड़ा हुआ उस समय मैं एसपी साहब के साथ हाईकाेर्ट गया हुआ था। पीछे से जिसकी ड्यूटी थी। उनकाे मामला दर्ज कर उच्चाधिकारियाें काे सूचना देनी चाहिए थी। इसलिए इस मामले में मुझे दाेषी मानना समझ से परे है। संजय वर्मा, थानाधिकारी गुढागाैड़जी

इस मामले में थानाधिकारी व हैडकांस्टेबल की लापरवाही सामने आई है। ऐसी घटनाओं में मामला दर्ज कर तत्काल उच्चाधिकारियाें काे बताना चाहिए था। इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामला दर्ज नहीं करना बड़ी लापरवाही है। - प्रदीप माेहन शर्मा, एसपी

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