थाईलैंड में गूंजता रहा झुंझुनूं के इस गांव का डंका:धमोरा का दुष्यंत AVC कप में इंडियन कप्तान, रगों में वॉलीबॉल

झुंझुनूं2 महीने पहले
झुंझुनूं का बेटा वॉलीबॉल की टीम इंडिया का कैप्टन बना। - Dainik Bhaskar
झुंझुनूं का बेटा वॉलीबॉल की टीम इंडिया का कैप्टन बना।

विरासत में प्रॉपर्टी या पैसा मिलता है। दुष्यंत सिंह जाखड़ को अपने परिवार से विरासत में वॉलीबॉल मिला है। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के धमोरा गांव में जाखड़ों की ढाणी से ताल्लुक रखने वाला 20 साल का दुष्यंत अभी थाईलैंड के नाखोन-पथोम शहर में 7 से 14 अगस्त तक चल रहे एवीसी कप में भारतीय सीनियर पुरुष वॉलीबॉल टीम की कप्तानी कर रहा है। दुष्यंत के दादा, पिता, मां, ताऊ, चाचा, बहन और भाई सभी वॉलीबॉल के राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी रहे हैं। यहां तक कि उसके पैतृक गांव धमोरा में 25-30 खिलाड़ी नेशनल-इंटरनेशनल मंच पर खेल चुके हैं।

दुष्यंत का परिवार फिलहाल गांव छोड़कर जयपुर में एसएमएस स्टेडियम के पास रहता है। दादा नवरंग जाखड़ नवलगढ़ के पूर्व विधायक रहे, वे भी वॉलीबॉल खिलाड़ी थे। पिता रामवतार जाखड़ इसी खेल के अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी रहे हैं, वे अभी भी स्टेट चैंपियनशिप खेलते हैं। दुष्यंत 5 अगस्त को कोलकाता से 19 सदस्यीय टीम के साथ थाईलैंड रवाना हुआ था। दैनिक भास्कर को दुष्यंत ने बताया कि जयपुर में उसका घर स्टेडियम के पास है। परिवार का माहौल पूरी तरह वॉलीबॉलमय है। इसलिए यह खेल मुझे विरासत में मिला।

दुष्यंत थाईलैंड में 7 से 14 अगस्त तक चल रहे एवीसी कप में भारतीय सीनियर पुरुष वॉलीबॉल टीम का कप्तान है। झुंझुनूं के धमोरा गांव की जाखड़ों की ढाणी के निवासी दुष्यंत का पूरा परिवार वॉलीबॉल से जुड़ा है। (दुष्यंत बीच में 11 नंबर जर्सी पहने)
दुष्यंत थाईलैंड में 7 से 14 अगस्त तक चल रहे एवीसी कप में भारतीय सीनियर पुरुष वॉलीबॉल टीम का कप्तान है। झुंझुनूं के धमोरा गांव की जाखड़ों की ढाणी के निवासी दुष्यंत का पूरा परिवार वॉलीबॉल से जुड़ा है। (दुष्यंत बीच में 11 नंबर जर्सी पहने)

थाईलैंड में एवीसी कप आज से शुरू
थाईलैंड का नाखोन पाथोम शहर। यहां वॉलीबॉल का अंतर्राष्ट्रीय आयोजन हो रहा है। एवीसी कप के दौरान 7-14 अगस्त तक मैच होंगे। भारतीय सीनियर पुरुष वॉलीबॉल टीम के कप्तान दुष्यंत सिंह हैं। कोच हैं जी.ई. श्रीधरन। भारतीय टीम 5 अगस्त को थाईलैंड पहुंच गई थी। टीम में दुष्यंत सिंह (कप्तान), जोशनूर धिंद्सा, संदीप, अजय कुमार, समीर चौधरी, तनीष चौधरी, हर्षित गिरी, अमन कुमार, जिबिन जोब, सचिन डागर, मन्नत चौधरी, अजीत शेखो, कार्तिकेयन के. सूर्यप्रकाश बंजारा खिलाड़ी हैं। टीम अधिकारियों में मैनेजर कुलदीप राज मंगोतरा हैं। सहायक कोच राजेश कुमार, प्रवीण शर्मा और रेफरी हैं शेख एजाज सिकंदर।

थाईलैंड के लिए भारतीय टीम 5 अगस्त को रवाना हुई थी। आज से मैच शुरू हुए हैं। दुष्यंत कप्तानी कर रहा है। (नीचे बैठे हुए खिलाड़ियों में बाएं से दूसरे नंबर पर दुष्यंत)
थाईलैंड के लिए भारतीय टीम 5 अगस्त को रवाना हुई थी। आज से मैच शुरू हुए हैं। दुष्यंत कप्तानी कर रहा है। (नीचे बैठे हुए खिलाड़ियों में बाएं से दूसरे नंबर पर दुष्यंत)

अपने गेम से साबित किया
वॉलीबॉल गेम दुष्यंत सिंह की रगों में है। उसका पैशन भी यही गेम है। 6 फीट 8 इंच लंबे दुष्यंत ने भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम का कप्तान बनने के लिए अपनी काबिलियत को साबित किया है। वह कच्ची उम्र से ही वॉलीबॉल खेल रहा है। ईरान के तेहरान में 24 अगस्त से 2 सितंबर 2021 तक हुई अंडर-19 इंटरनेशनल चैंपियनशिप में टीम ने मेडल जीता। जून-जुलाई 2022 में सीनियर नेशनल चैंपियन भुवनेश्वर में बेस्ट ब्लॉकर खिताब व सिल्वर मेडल जीता। खेलो इंडिया गेम्स में बतौर कप्तान ब्रॉन्ज जीता।

इस तस्वीर में वॉलीबॉल खेलने वाली तीन पीढ़ियां नजर आ रही हैं। दुष्यंत के दादा नवरंग जाखड़। पिता रामवतार जाखड़ और बहन मीमांसा जाखड़ वॉलीबॉल खेलते हुए। तस्वीर जयपुर स्थित आवास के पास पार्क की है।
इस तस्वीर में वॉलीबॉल खेलने वाली तीन पीढ़ियां नजर आ रही हैं। दुष्यंत के दादा नवरंग जाखड़। पिता रामवतार जाखड़ और बहन मीमांसा जाखड़ वॉलीबॉल खेलते हुए। तस्वीर जयपुर स्थित आवास के पास पार्क की है।

दुष्यंत ने बताया कि उनके पिता रामवतार अभी भी स्टेट चैंपियनशिप खेलते हैं, मां अंजू वॉलीबॉल प्लेयर रहीं, बहन डॉ. मीमांशा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वॉलीबॉल खेल चुकी हैं। दादा से लेकर चाचा-ताऊ, उनके बच्चे, बहन, माता-पिता जब सब ही इस गेम से जुड़े थे तो बचपन से माहौल मिला।

जाखड़ों की ढाणी यानी खिलाड़ियों की खान
झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी कस्बे के धमोरा गांव में एक ढाणी है। नाम है जाखड़ों की ढाणी। इस ढाणी को वॉलीबॉल खिलाड़ियों की खान कहा जाता है। वजह छोटी से ढाणी से कई अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी निकल चुके हैं। 20 से 25 राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी इस ढाणी से निकले हैं। अब तक 50 ज्यादा स्टेट लेवल के खिलाड़ी इसी ढाणी से हैं।

जाखड़ फैमिली ने वॉलबॉल के क्षेत्र में भारत का नाम ऊंचा किया है। दादा और पिता की विरासत को दुष्यंत आगे बढ़ा रहे हैं। वर्तमान में वे थाईलैंड में हैं।
जाखड़ फैमिली ने वॉलबॉल के क्षेत्र में भारत का नाम ऊंचा किया है। दादा और पिता की विरासत को दुष्यंत आगे बढ़ा रहे हैं। वर्तमान में वे थाईलैंड में हैं।

कई खिलाड़ी सरकारी सेवा में हैं। ढाणी से निकले अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों में दुष्यंत के पिता रामवतार जाखड़, दयाराम जाखड़, सहीराम जाखड़ आदि इंटरनेशनल मंच पर खेल चुके हैं। दयाराम रेलवे में थे। भारतीय रेलवे की तरफ से वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेले। ये तीनों खिलाड़ी आस्ट्रेलिया व थाईलैंड में सीनियर एशियन चैंपियनशिप में खेल चुके हैं। दुष्यंत की बहन डॉ. मीमांशा जाखड़ भी वॉलीबॉल की इंटरनेशनल खिलाड़ी रही हैं और गायनिक डॉक्टर हैं।

मां अंजू देवी व बहन मीमांशा के साथ दुष्यंत। साथ में रिश्तेदार।
मां अंजू देवी व बहन मीमांशा के साथ दुष्यंत। साथ में रिश्तेदार।

माता-पिता, बहन-भाई का वॉलीबॉल प्रेम
दुष्यंत इस वक्त थाईलैंड में एवीसी कप में भारत का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके पिता रामवतार अभी भी वॉलीबॉल खेलते हैं। वे वर्तमान में भारतीय वॉलीबॉल संघ के सचिव हैं। एशियन वालीबॉल से भी जुड़े हैं। दुष्यंत की मां अंजू देवी जयपुर जिला वॉलीबॉल संघ की सचिव हैं। वे वॉलीबॉल प्लेयर रही हैं। दुष्यंत की बहन डॉ. मीमांसा जाखड़ झुंझुनूं जिले की पहली महिला अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रही हैं।

दुष्यंत सिंह जाखड़, वॉलीबॉल खिलाड़ी।
दुष्यंत सिंह जाखड़, वॉलीबॉल खिलाड़ी।