रोडवेज में सुरक्षा-सुविधाओं की नहीं है फिक्र:बसों में फर्स्ट एड बॉक्स में नहीं मरहम-पट्‌टी, सुझाव पेटियां भी खाली

झुंझुनूं2 महीने पहले
सुरक्षा और सुविधाओं की नहीं है फिक्र

राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में अब यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं का कोई महत्व नजर नहीं आता। बसों की हालत तो खस्ता है ही। बसों में यात्रियों को उपलब्ध फर्स्ट एड बॉक्स उपलब्ध नहीं होता। न ही चालक की केबिन के पीछे बॉक्स में सुझाव पुस्तिका दिखाई देती है। भास्कर टीम ने रोडवेज बस स्टैंड का जायजा लिया तो मौके पर कई बसों में इन सुविधाओं का अभाव नजर आया।

प्राथमिक उपचार किट नदारद

रोडवेज बस में सुझाव पेटिका के अंदर पड़े खाली डिस्पोजल।
रोडवेज बस में सुझाव पेटिका के अंदर पड़े खाली डिस्पोजल।

यात्रा के दौरान बसों में अचानक ब्रेक लगने या झटका लगने से यात्री के चेहरे या शरीर में कहीं चोट आ जाए या खून बहने लगे इसके लिए प्रत्येक बस में निर्माण के दौरान ही फर्स्ट एड बॉक्स की सुविधा मुहैया होती है। इसमें रूई पट्टी, डिटोल या अन्य उपचार संबंधी मरहम आदि होते हैं जिससे तत्काल चोट से बह रहे रक्त को रोका जा सके। उपचार केन्द्र तक पहुंचा जा सके। इसे लेकर भास्कर टीम ने जब बसों में जाकर देखा तो ऐसा कोई किट नहीं पाया गया।

फर्स्ट एड बॉक्स में पड़ा कचरा व दस्ताने।
फर्स्ट एड बॉक्स में पड़ा कचरा व दस्ताने।

शिकायत पुस्तिका व हैल्प लाइन नम्बर
बसों में सुझाव पुस्तिका की भी अनिवार्यता है। इसमें यात्री अपनी शिकायत लिखकर परिचालक को दे सकें। इनका बसों में अभाव नजर आया। ऐसे में रोडवेज प्रबंधन यात्रियों की सुविधाओं को लेकर कितना संवेदनशील है, यह साफ दिख रहा है।

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मदद के लिए नम्बर शॉर्ट
बसों में मुख्यालय के अधिकारियों के नम्बर जरूर लिखे थे लेकिन वह शॉर्ट में होने के कारण इनका अर्थ आमजन नहीं समझ पाते। जैसे वीएन, टोल फ्री, सीआर, सीएम, टीएम व एमओ। इनके आगे मोबाइल नम्बर अंकित जरूर होते हैं लेकिन किस समस्या के लिए कौन से अधिकारी का नम्बर है इसकी विस्तृत जानकारी नहीं लिखी थी।

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