मर्डर के आरोपी पुलिस पकड़ से दूर:काफी चर्चित रहा मर्डर,  पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष हत्याकांड,  पुलिस की दबीश जारी,

झुंझुनूं11 दिन पहले
मर्डर के आरोपी पुलिस पकड़ से दूर

झुंझुनूं में छात्रसंघ चुनाव के बाद छात्र नेता की हत्या ने झुंझुनूं नई गैंग की एंट्री करवा दी, इस हत्या काण्ड में गब्बर गैंग का नाम सामने आया। सब नामजद होने के बाद भी आरोपी पुलिस पकड़ से दूर है।

पुलिस ने गबर के ठिकाने को अपने कब्जे में ले लिया, गैंग की कमर तोड़ने में लगी है। एक कांड ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया था। इस हत्या के बाद जिले की कानून व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगे है। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल भी उठे। हत्याकांड के बाद विरोध प्रदर्शन भी हुआ।

अभी तक मुख्य आरोपी सहित अन्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है।

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राकेश झाझडिय़ा हत्याकांड के मामले में 8 दिन बीत चुके है। लेकिन पुलिस अभी भी मुख्य आरोपी तक नही पहुंच पाई है।

हत्याकांड में शामिल आरोपियों को पकडऩे में नाकाम साबित हो रही है।

पुलिस अब तक मामले में एक ही आरोपी को गिरफ्तार कर पाई है। हालांकी पुलिस की ओर आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही है।

टीम बनाकर हरियाणा,जयपुर, चुरू सहित अलग अलग ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

गब्बर गैंंग चर्चा में

इस हत्याकांड के बाद गब्बर गैंग का नाम काफी चर्चा में रहा, तीन साल पहले भी वाहन चैकिंग के दौरान गैंग की ओर से पुलिस पर फायरिंग की गई थी, सूत्रों की माने तो गैंग के काफी सदस्य जिले में एक्टिव है, गैंग के हरियाणा से जुड़े होने की बात भी सामने आई है। गैंग के सदस्य बड़ी वारदात को अंजमा देकर हरियाणा मेंं शरण लेते है। यह गैंग पिछले काफी समय से एक्टिव है। गब्बर गैंग पर हत्या के प्रयास, लूट, तोडफोड कर गाड़ी जलाने, मारपीट सहित कई मामलें दर्ज है।

आरोपियों पर पुलिस ने इनाम घोषित किया

पुलिस ने हत्याकांड में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 5 -5 हजार का इनाम घोषित किया है।

आरोपी दिनेश मालसरिया, प्रदीप मंगवा, रवि बलौदा,देशबंधु, अरविंद गब्बर, रमेश कुमार, मंजीत झाझडिय़ा, अजीत बाबा, उमेश बाबल,सोनू पर इनाम घोषित किया है। इनमें चार आरोपी हिस्ट्रशीटर भी है।

झुंझुनूं की लाल कोठी रही चर्चा में

हत्याकांड के बाद झुंझुनूं शहर की लाल कोटी खूब चर्चा में रही थी, यह बात भी सामने आई थी, गब्बर गैंग का मुख्य सरगना अरिवंद उर्फ गब्बर है। वह यही शरण लेता था, यहां से अपनी गैंग को चलाता था, यहां से कई वारदात को अंजाम दिया जाता था।

हत्याकांड के बाद लाल कोठी की शिकायत के बाद एसपी ने मृदुल कच्छावा ने एक्शन लेते हुए लाल कोठी को अपने कब्जे ले लिया था, ओर रातों- रात खाली कराकर पुलिस चौकी में तब्दील कर दिया था। पुलिस के इस एक्शन से लगा था कि हत्याकांड में शाामिल आरोपी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे। लेकिन 8 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है।