किसान मोर्चा बोला- नहीं होने देंगे सेना का 'ठेकाकरण':कहा- सेना को बना रहे सांप्रदायिक, देश की सुरक्षा से खिलवाड़

झुुंझुनूंएक महीने पहले

संयुक्त किसान मोर्चा ने अग्निपथ योजना का विरोध किया है। केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि सेना को सांप्रदायिक किया जा रहा है। ठेके पर सैनिक लेना देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करना है। शुक्रवार को मोर्चा के संगठनों ने विरोध में प्रदर्शन किया। झुंझुनूं जिला कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान महासभा, अखिल भारतीय किसान सभा, राजस्थान किसान सभा ने हिस्सा लिया।

किसान मोर्चा ने अग्निपथ योजना वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि सेना का ठेकाकरण नहीं होने देंगे। सेना का सांप्रदायिककरण नहीं किया जाए। इस अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया। जिसमें सात बिंदुओं से विस्तार से बताकर अग्निपथ योजना को सेना में ठेकाकरण की नीति बताते हुए सेना में भर्ती होने के इच्छुक बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बताया।

किसान सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने भाजपा पर कटाक्ष किया। किसान बोले कि योजना इतनी ही अच्छी है तो भाजपा नेता अपने बेटों को अग्निपथ योजना में अग्निवीर बनाएं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कृषि कानूनों पर किसानों से मात खाकर केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों के बेटों की सेनाओं में भर्ती रोक कर किसानों से बदला लिया है। बहाली की उम्र में रिटायर्मेंट एक भद्दा मजाक है। धरने पर आयोजित किसान सभा को अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष फूलचंद ढेवा, अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष फूलचंद बर्वर, अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव रामचंद्र कुलहरि, जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश झारोड़ा मौजूद रहे।

इसके अलावा जिला उपाध्यक्ष इंद्राज सिंह चारावास, एस एफ आई के जिलाध्यक्ष पंकज गुर्जर, किसान सभा के जिला सचिव मदन सिंह यादव, राजस्थान किसान सभा के जिलाध्यक्ष कामरेड रमेश मील, किसान सभा के सुमेर सिंह बुडानिया, गिरधारीलाल महला, हरीराम शीथल,रामप्रताप दूत, सुरेंद्र सिंह चारणवास, डी वाई एफ आई के जिलाध्यक्ष राजेश बिजारणिया, इंकलाबी नौजवान सभा के जिला संयोजक कामरेड रविंद्र पायल, कामरेड अरविंद गढवाल, ब्रह्मानंद कुलहरि,कामरेड अमर सिंह चाहर,रोतास काजला हवलदार, कामरेड सुभाष बाबल, कामरेड होशियार सिंह, कामरेड बजरंग सुबेदार,कामरेड रामनारायण ढेवा, कामरेड सहीराम मांझूं,सुभाष चाहर,योगेश कटारिया,विजेंद्र कुलहरि,सचिन चौपङा, छात्रसंघ अध्यक्ष अनिष धायल, विजय यादव,इंतजार अली,साजिद,कर्मवीर लूटू आदि ने विचार व्यक्त किए।