कांस्टेबल भर्ती परीक्षा:हाथों में मेहंदी लगी होने से महिला अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने से ही रोक दिया

झुंझुनूं2 दिन पहले
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मेहंदी के कारण सीकर की अभ्यर्थी को परीक्षा से वंचित किया। इससे पहले गुहार लगाती छात्रा। - Dainik Bhaskar
मेहंदी के कारण सीकर की अभ्यर्थी को परीक्षा से वंचित किया। इससे पहले गुहार लगाती छात्रा।

कांस्टेबल भर्ती लिखित परीक्षा के दूसरे दिन शनिवार को शहर के सेठ मोतीलाल पीजी कॉलेज सेंटर पर हाथाें पर मेहंदी लगाकर आने वाली महिला अभ्यर्थियाें काे पुलिस ने परीक्षा देने से वंिचत कर दिया। दरअसल शनिवार को सुबह की पारी में 696 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 394 अभ्यर्थी शामिल हुए।

सुबह सात बजे प्रवेश शुरू हो गया था। अभ्यर्थियों की जांच कर गहने व हाथ व पैरों में बंधे धागे खुलवाकर, जूते व पूरी आस्तीन के कपड़े उतरवाकर ही प्रवेश दिया गया। करीब आठ बजे दौसा की रीना मीणा व सबलपुरा सीकर की प्रीतम को यह कहकर रोक दिया गया कि उनके हाथों में मेहंदी लगी हुई है। कुछ देर तक गुहार लगाने पर भी पुलिसकर्मी नहीं माने तो दोनों अभ्यर्थी वापस लौट गई। शनिवार को जिले के सात सेंटरों पर पंजीकृत 10 हजार 169 में से 5550 यानी 54.57 फीसदी अभ्यर्थी उपस्थित रहे।

भास्कर INSIGHT : अधिकारी बोले-मेहंदी के कारण नहीं रोका जबकि ड्यूटी अफसर बोला-अंगूठे पर मेहंदी लगी थी, इसलिए रोका
इस मामले में भास्कर ने झुंझुनूं शहर के परीक्षा प्रभारी डीएसपी शंकरलाल छाबा ने मेहंदी लगी होने के कारण महिला अभ्यर्थियों को परीक्षा से वंचित रखने के मामले में बातचीत की तो उनका कहना था कि दोनों अभ्यर्थियों को किसी अन्य कारण से रोका गया होगा। मेहंदी लगी होने के कारण किसी अभ्यर्थी को नहीं रोका जा सकता। वहीं परीक्षा केंद्र पर तैनात ड्यूटी अफसर एसआई महेशकुमार का कहना था कि नियमानुसार मंगल सूत्र व गहने पहनकर अभ्यर्थियाें काे प्रवेश नहीं दिया जा सकता है।

एक परीक्षार्थी ने मंगल सूत्र उतारने से मना कर दिया था। मेहंदी अंगूठे पर नहीं लगी हाेनी चाहिए थी। इस बारे में अखबाराें में भी पहले सूचना अा गई थी। हम ताे एडमिट कार्ड में लिखे हुए नियमाें की पालना करवा रहे थे। वहीं एसपी प्रदीप माेहन शर्मा ने इस मामले में मेहंदी लगाकर आई महिला अभ्यर्थियाें काे परीक्षा से वंचित करने जानकारी नहीं होने की बात कही।

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