'किसान सिंचाई जल आंदोलन':पार्षद ने नहर के लिए हस्ताक्षर अभियान का किया आगाज, दिल्ली तक पदयात्रा कर पीएम के सामने रखेंगे समस्या

पिलानी7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

झुंझुनू जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि के लिए विकराल होते जा रहे सिंचाई जल संकट के मुद्दे पर बुधवार को एक बड़े आन्दोलन का पिलानी से आगाज हुआ है। हरियाणा की तरह जिले में खेती के लिए नहरी पानी की मांग को लेकर कस्बे के पार्षद राजकुमार नायक ने पिलानी के ग्रामीण क्षेत्र से "किसान सिंचाई जल आन्दोलन" के बैनर तले हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। अगले कुछ माह में क्षेत्र के हजारों किसानों के पास जा कर उनके हस्ताक्षर से युक्त ज्ञापन को लेकर पार्षद राजकुमार नायक दिल्ली के लिए पदयात्रा पर रवाना होंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस समस्या से अवगत करवाते हुए, उन्हें यह ज्ञापन सौंपा जाएगा।

पार्षद राजकुमार नायक ने बताया कि सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता न होने की वजह से क्षेत्र के किसानों के हालात आज बद से बदतर हो चुकी है। गांवों में सिंचाई ही नहीं, पीने के पानी के लिए भी लोग तरस रहे हैं। कृषक समुदाय की इसी परेशानी को ध्यान में रखकर किसान सिंचाई जल आन्दोलन आज से शुरू किया जा रहा है।

अभियान के पहले दिन पार्षद राजकुमार नायक ने पांथड़िया गांव में कहा कि भारत की पहचान कृषि प्रधान देश के तौर पर की जाती है और किसान को यहां अन्नदाता माना जाता है, लेकिन आज हमारे किसान भाई सिंचाई जल के गहराते संकट से काफी परेशान हैं और कृषि कार्य छोड़ मजदूरी करने पर मजबूर हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकारें वोट पाने के लिए योजनाएं बनाती हैं, लेकिन इन योजनाओं को जमीनी स्तर पर कभी नहीं उतारा गया। आजादी के 75 वर्ष बाद भी इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ और अब वक्त आ गया है कि सरकार व प्रशासन को जगाने के लिए आन्दोलन किया जाए।

हस्ताक्षर अभियान में पहले दिन आज कोच कमल नायक, सांवरमल डागला, लक्ष्मण सिंह भाटी, मूलचंद मेघवाल, रोहिताश, व पांथड़िया ग्राम निवासी शामिल रहे।

खबरें और भी हैं...