शहादत दिवस:शहीद रामदेव व करणी राम के जीवन की उपलब्धियों को पाठ्यपुस्तक में शामिल करवाने की मांग

उदयपुरवाटी10 दिन पहले
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उपखंड क्षेत्र के गुढ़ागौड़जी में आयोजित एक समारोह के दौरान सैनिक कल्याण, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह गुढा ने कहा है कि शहीद करणी राम व रामदेव के बलिदान से तत्कालीन समय में प्रचलित व्यवस्था बदल गई थी। वे उपखंड क्षेत्र के चंवरा में शहीद करणीराम व रामदेव के 70वें शहादत दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि परंपरागत व्यवस्था से पुराने लोगों को एक बार थोड़ी पीड़ा होती है लेकिन बाद में सब कुछ सामान्य हो जाता है। इस मौके पर कई वक्ताओं ने मंत्री गुढ़ा से किसी सरकारी संस्था का नामकरण शहीदों के नाम से करवाने की मांग रखी। इस पर उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी सरकारी संस्था का नामकरण उनके नाम से किया जाएगा। पूर्व विधायक दयाराम महरिया ने शहीद रामदेव व करणी राम के जीवन की उपलब्धियां बताने वाले बिंदुओं को पाठ्यपुस्तक में शामिल करवाने की मांग रखी। डॉ. हरी सिंह गोदारा ने पिछले 70 सालों से लग रहे मेले को और प्रभावी करने की बात रखी। पूर्व उप जिला प्रमुख विद्याधर सिंह गिल ने कहा की जनप्रतिनिधि का काम जाति धर्म की राजनीति के बजाय विकास करवाना होता है। शहीद रामदेव की बेटी मनभरी ने अतिथियों का अभिनंदन किया। डॉ. नरेंद्र सिंह गिल ने सभी का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन जयसिंह धनखड़ ने किया। इस अवसर पर पूर्व जिला प्रमुख मदन सिंह गिल, सरपंच जयपाल जाखड़, रघुनाथपुरा सरपंच संजय नेहरा, महेंद्र बराला, अमित चौधरी, नथमल सैनी, गुरुदयाल सैनी आदि मौजूद थे।

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