छेड़छाड़ पड़ सकती है महंगी:महिलाओं और लड़कियों को पुलिस सीखा रही आत्म रक्षा के गुर

बालेसरएक महीने पहले

महिलाओं एवं लड़कियों को छेड़छाड़ जैसी घटनाओं एवं विकट परिस्थितियों का बहादुरी से सामना करने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा शुरु किए गए सात दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का शुभारम्भ बालेसर कस्बे में मंगलवार को किया गया।

मंगलवार को बालेसर पुलिस थाने के एएसआई गोपिकिशन सिंह राजपुरोहित के निर्देशन में जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय जोधपुर से आई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर की दक्ष प्रशिक्षक सुमन ताडा एवं बालेसर पुलिस थाने की महिला कान्सटेबल प्रियंका एवं दिनेश बाबल ने महिलाओं एवं युवतियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए।

एएसआई राजपुरोहित ने बताया की पुलिस प्रशासन द्वारा सात दिन तक आयोजित होने वाले इस शिविर में बालिकाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण सीखने के बाद कार्यकर्ता अपने अपने गांवों में जाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को इस प्रकार के प्रशिक्षण देगी।

वहीं दक्ष प्रशिक्षक सुमन ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं लड़कियों को जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में महिला अत्याचार एवं छेड़छाड़ की घटनाएं समाज में बढ़ रही हैं। इस प्रकार की घटनाओं के घटित होने पर भी महिलाओं एवं बालिकाएं जानकारी के अभाव में सब कुछ सहन कर लेती हैं। मगर अब इस प्रकार की घटनाओं को सहन नहीं करके उनका डटकर मुकाबला करना है। यदि इस प्रकार की घटना हो तो तुरन्त आत्मरक्षा में अपना बचाव कर नजदीकी पुलिस थाने में या कंट्रोल रूम में इसकी सूचना दें।

यह शिविर 12 जुलाई तक चलेगा। वहीं प्रशिक्षक प्रियंका ने बताया कि इसमें महिलाओं को हाथों से पंच मारने, पैरों से हमला करने, गर्दन मरोड़कर नीचे पटकने, गला दबाने, मिर्ची पाउडर का इस्तेमाल करने सहित कई प्रकार के टिप्स बताए जा रहे हैं। महिलाओं को सुरक्षा सखी योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके आगंनबाड़ी कार्यकर्ता लक्ष्मी, नितु,मंजू, मधु, सहित कई कार्यकर्ताएं मौजूद थी।

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