राजस्थान में सितंबर से दौड़ेगी 'वंदे भारत':पांच शहर शामिल; एक हजार करोड़ से तैयार हो रहे मेंटेनेंस डिपो

जोधपुर6 दिन पहलेलेखक: कुणाल पुरोहित
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वंदे भारत ट्रेन के चेयर को 180 डिग्री तक रोटेट किया जा सकता है। - Dainik Bhaskar
वंदे भारत ट्रेन के चेयर को 180 डिग्री तक रोटेट किया जा सकता है।

इस साल सितंबर में जोधपुर समेत 5 जगहों (जयपुर, अजमेर, उदयपुर और श्रीगंगानगर) से वंदे भारत (सेमी बुलेट) ट्रेनें चलाना प्रस्तावित है। इसे लेकर उत्तर पश्चिम रेलवे ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है।

ट्रेनों की मेंटेनेंस सुविधा अपग्रेड करने के लिए डिपो पर करीब 1 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें से जोधपुर में डिपो की मेंटेनेंस सुविधा को अपग्रेड करने के लिए 141.51 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी हुई है।

जोधपुर में यह डिपो भगत की कोठी रेलवे स्टेशन पर बनाया जाना प्रस्तावित है। मेंटेनेंस डिपो के निर्माण कार्य की जिम्मेदारी पटना की वर्कशॉप प्रोजेक्ट्स ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूपीओ) को सौंपी गई है।

रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार जोधपुर में वंदे भारत ट्रेन के लिए अलग से मेंटेनेंस डिपो बनाना प्रस्तावित है।

क्योंकि वंदे भारत ट्रेन सेट आएगी तो डिपो में मेंटेनेंस फैसिलिटी डेवलप करने की जरूरत होगी। इसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इसके अलावा जोधपुर में डिपो है, जिसे डेवलप किया जाएगा।

वायरिंग का काम होगा, व्हील रैक बनेगी, इक्यूपमेंट टेस्टिंग भी
जानकारी के अनुसार वंदे भारत पूरे इलेक्ट्रिफाइड ट्रैक पर चलेगी। इसकी मेंटेनेंस के लिए डिपो में वायरिंग का काम होगा। इनकी अलग से व्हील रैक होगी। मेंटेनेंस के इक्यूपमेंट के टेस्टिंग का प्रोविजन होगा। इसके लिए अलग से लैब बनेगी। इन सभी चीजों को अपग्रेड किया जाएगा।

डिपो में मेंटनेंस का काम प्रपोज हो रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे की पांच चिह्नित जगहों पर रैक आएगी। तब तक उत्तर पश्चिम रेलवे में मेंटेनेंस फैसिलिटी का काम पूरा कर दें। ताकि जब रैक आए, तब दिक्कत नहीं हो। ये ट्रेन भारत की सबसे तेज दौड़ने वाली ट्रेन है।

यह ट्रेन महज 52 सेकेंड में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है। सभी वंदे भारत ट्रेन पूरी तरह से वातानुकूलित हैं और उनमें स्वचालित दरवाजे हैं। वंदे भारत ट्रेन के चेयर को 180 डिग्री तक रोटेट किया जा सकता है।

समय पर काम पूरा करने की कोशिश

हमारी कोशिश है कि निर्धारित समय में वंदे भारत के मेंटेनेंस डिपो का काम पूरा हो। इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। यह काम पटना की डब्ल्यूपीओ को दिया गया है। वर्तमान में इस प्रोजेक्ट के ड्रॉइंग लेआउट आदि का कार्य प्रक्रियाधीन है। -गीतिका पांडेय, डीआरएम, जोधपुर रेल मंडल

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