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कोरोना की भयावह वापसी रोकें कैसे?:हॉर्स शो में भाग लेने महाराष्ट्र से दो सांसदों समेत 24 लोग जोधपुर आए, निगेटिव रिपोर्ट किसी ने नहीं देखी

जोधपुर9 महीने पहलेलेखक: भंवर जांगिड़
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रेलवे स्टेशन पर सिर्फ तापमान जांच रहे। - Dainik Bhaskar
रेलवे स्टेशन पर सिर्फ तापमान जांच रहे।
  • सरकार के आदेश- महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट जरूरी, लेकिन हकीकत कुछ और ही

जिले के रणसी गांव की अश्व-प्रदर्शनी में महाराष्ट्र के दो सांसद, चार अन्य राजनेता समेत 24 लोग बतौर अतिथि आए थे, प्रदर्शनी के आयोजक के मुताबिक तो इन अतिथियों को राजस्थान के नए निर्देशों के अनुसार कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट साथ लाने को कह दिया था, लेकिन जोधपुर की किसी भी एजेंसी ने उनकी रिपोर्ट देखना तो दूर, पूछा तक नहीं। यह स्थिति तब है जब कोरोना का दुबारा हमला बेहद खतरनाक बताया जाता है और उसके कारण महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में ही 10 हजार से ज्यादा नए केस सामने आ चुके हैं।

राजस्थान सरकार के गृह विभाग और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष व कलेक्टर इंद्रजीतसिंह ने इस खतरे से बचने के लिए महाराष्ट्र से आने वाले हर यात्री की 72 घंटे पहले की कोविड निगेटिव जांच रिपोर्ट चैक करने के निर्देश दस दिन से दे रखे हैं और रिपोर्ट नहीं होने पर कोविड टेस्ट कर उन्हें होम क्वारेंटाइन करने को कहा हुआ है।

मगर सभी लोग आए, अलग-अलग होटलों में रुकें, मेले में कई लोगाें से मिले और निकल गए, न एयरपोर्ट पर उनकी जांच हुई और न ही सीएमएचओ की टीम ने उनकी रिपोर्ट चैक की। चैक करते भी कैसे? निर्देश के दस दिन बाद भी सीएमएचओ तो यही कहते हैं कि ऐसी किसी गाइडलाइन व निर्देश की जानकारी विभाग को नहीं है। जब दैनिक भास्कर ने कलेक्टर से ही उनके आदेश की पालना नहीं होने पर पूछ लिया तो कहने लगे कि आदेश में कोई गफलत हो सकती है, उसे दूर कर देंगे।

रेलवे स्टेशन: सिर्फ तापमान जांच रहे

सिटी रेलवे स्टेशन पर नई गाइडलाइन के तहत न तो यात्रियों के कोरोना निगेटिव रिपोर्ट के बारे में कोई पूछ रहा है और न ही बिना रिपोर्ट आने वालों की कोरोना जांच करवाई जा रही है। रेलवे के स्टेशन डायरेक्टर नारायण लाल कहते हैं कि चिकित्सा विभाग के कर्मचारी महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों का तापमान चैक कर रहे हैं।

नई गाइडलाइन को लेकर कलेक्टर का कोई पत्र नहीं आया है। उधर, उपनगरीय भगत की कोठी स्टेशन पर किसी तरह की निगरानी के इंतजाम नहीं है। यहां महाराष्ट्र से पांच ट्रेन आती हैं और यात्री उतर कर सीधे शहर में निकल जाते हैं।

25 फरवरी को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निवास पर बैठक में निर्णय लिया गया कि अब केरल व महाराष्ट्र जैसे संक्रमित राज्यों से आने वालों की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट जरूरी होगी।
25 फरवरी को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निवास पर बैठक में निर्णय लिया गया कि अब केरल व महाराष्ट्र जैसे संक्रमित राज्यों से आने वालों की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट जरूरी होगी।

सीएमएचओ अनजान, रिपोर्ट नहीं होने पर जांच अनिवार्य नहीं

सीएमएचओ बलवंत मंडा का कहना है कि गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक संक्रमण प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग करने के निर्देश हैं। इसमें अगर किसी में कोई लक्षण पाया जाएगा तो नजदीक के सेंटर पर उसकी आरटीपीसीआर जांच करवाई जाएगी।

जिसके पास 72 घंटे की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट नहीं है, उसका सैंपल करना ही है, ऐसा कोई आदेश नहीं है। रणसी गांव में अश्व प्रदर्शनी के दौरान महाराष्ट्र से आए लोगों के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। पता करवाता हूं, उनकी जांच हुई या नहीं। रेलवे के सिटी स्टेशन पर हमारी टीम जाती है। भगत की कोठी का हमें नहीं बताया गया। एयरपोर्ट पर भी नियमित टीम भेजी जा रही है।

कलेक्टर मान रहे गफलत कोई संशय है तो दूर करेंगे

कलेक्टर इंद्रजीत सिंह का कहना है कि संक्रमित राज्यों से जोधपुर आ रहे यात्रियों की स्क्रीनिंग तो की जा रही है, लेकिन केवल इससे काम नहीं चलेगा। हमने 26 फरवरी को आदेश निकाला था कि महाराष्ट्र व केरल के जिन यात्रियों के पास आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट नहीं है, उनकी जांच कर रिपोर्ट आने तक होम क्वारेंटाइन किया जाए। इस आदेश में कहीं कोई गफलत है तो उसे दूर करेंगे। एयरपोर्ट व रेलवे से यात्रियों की सूची लेकर रेंडम सैंपलिंग करवाने पर विचार किया जा रहा है।

48 दिन बाद सबसे ज्यादा 25 संक्रमित मिले, 9 रोगी डिस्चार्ज

शहर में शनिवार को 25 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले व 9 को डिस्चार्ज किया गया। संक्रमितों का आंकड़ा 48 दिन बाद 25 पहुंचा है। इससे पहले 17 जनवरी को 35 पॉजिटिव आए थे। मार्च के छह दिनों में मिले संक्रमित मरीजों के आंकड़े की तुलना में फरवरी के पहले छह दिन से करें तो 44 मरीज मार्च के माह में ज्यादा मिले हैं। वहीं 68 मरीज कम डिस्चार्ज हुए हैं।

हालांकि गनीमत है कि फरवरी और मार्च दोनों की माह के पहले छह दिनों में मौत का आंकड़ा बराबर है। यह सब तब है जब चिकित्सा विभाग की ओर से पिछले साल जैसी रेंडम सैंपलिंग नहीं कराई जा रही है। मार्च में अब तक 106 रोगी मिले व 72 ठीक हुए हैं। एक मौत हुई है।

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