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बावड़ी उपखंड की सांवत कुआं में कोरोना का कहर:17 दिन में 6 मौतें, 35 परिजनों ने सैंपल दिए, सभी पॉजिटिव, लोग दहशत में

जोधपुरएक महीने पहले
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  • मृतक व पॉजिटिव आए लोग 15 अप्रैल की शादी में थे
  • आशंका संक्रमण यहीं से क्योंकि सबसे पहली मौत सिलिकोसिस मरीज की हुई, अंतिम संस्कार से पहले पीपीई किट खोला

दबे पांव आई कोरोना की दूसरी लहर ने गांवों में कई घर उजाड़ दिए हैं। बावड़ी उपखंड की पुनियों की बासनी पंचायत के राजस्व ग्राम कुम्हारों की ढाणी सांवत कुआ में पिछले 17 दिनों में 6 जनों की जान जा चुकी है। इनमें तीन की कोरोना जांच हुई थी और दो को सांस में तकलीफ से जान गंवानी पड़ी। परिजनों का कहना है कि उन्हें भी कोरोना ही हुआ था।

एकाएक सांस में तकलीफ हुई और उपचार कराते तब तक मौत हो गई। 6 मृतकों के परिजनों ने बावड़ी जाकर दो बार में 10 व 25 सैंपल दिए। सभी के पॉजिटिव आ जाने से ग्रामीण भयभीत हैं। उन्हें आशंका है कि आसपास के लोग भी संक्रमित हो सकते हैं। वहीं, प्रशासन ने यहां कोरोना की चेन तोड़ने व संक्रमितों के उपचार के लिए कोई खास कदम नहीं उठाए, इससे ग्रामीण खासे चिंतित है।

जानकारी के अनुसार सबसे पहले 17 अप्रैल को सिलिकोसिस पीड़ित भंवरलाल (42) पुत्र केसाराम की एम्स में मौत हुई थी। अस्पताल ने शव पीपीई किट में पैक करके दिया, लेकिन परिजनों ने किट खोल कर अंतिम संस्कार किया। उस दौरान लगभग 50 लोग मौजूद थे। ग्रामीणों को आशंका है कि संभवतया यहीं से संक्रमण फैला। दूसरी मौत मदररूपराम (65) पुत्र लुम्बाराम की 27 अप्रैल को हुई।

उन्हें एक दिन पहले सांस की तकलीफ हुई थी। 27 अप्रैल की शाम एक साल से लकवाग्रस्त तुलछाराम (80) पुत्र बींजाराम की भी मौत हो गई। चौथी मौत 1 मई को खम्मादेवी (62) पत्नी तेजाराम की हुई। पांचवी मौत विरेन्द्र कुमार (42) पुत्र अर्जुनराम की जोधपुर स्थित अस्पताल में उपचार के दौरान हो गई। छठी मौत 4 मई को रुकमा देवी (40) पत्नी कानाराम की हुई। इनका भी जोधपुर में उपचार चल रहा था।
15 अप्रैल को परिवार में थी शादी, इसलिए जो भी सैंपल दे रहा संक्रमित आ रहा
इन ढाणियों में 15 अप्रैल को शादी थी और इसमें ये सभी लोग शामिल भी हुए थे। एक मृतक महिला तो शादी वाले परिवार की ही हैं। मृतकों के परिजनों ने अपने स्तर पर ही सीएचसी आकर कोरोना की जांच करवाई। पहले 10 लोगों ने जांच कराई और फिर दूसरी बार में 25 ने। सभी पॉजिटिव आ गए। कुछ लोगों ने 5 मई को जांचें कराई और उनकी रिपोर्ट अभी आनी है। हर सैंपल पॉजिटिव निकलने के बावजूद यहां प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही।
प्रशासन ने न जांच कैंप लगवाया और न ही गांव में किसी तरह की पाबंदी
17 दिनों में ढाणी में चार पुरुष व दो महिलाओं की मौत हो गई, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाए। भंवरलाल, वीरेंद्र कुमार व रुक्मादेवी की कोरोना जांच हुई थी। तीनों की मौत भी अस्पतालों में हुई। चिकित्सा विभाग ने न तो मृतक के परिजनों की जांच करवाने की कोई व्यवस्था की और ना ही ढाणियों व गांव में कोई पाबंदी लगाई। कुछ परिजनों ने 3-4 दिनों में बावड़ी स्थित सीएचसी आकर जांच करवाई। उनमें 35 जने पॉजिटिव निकल चुके हैं। खम्मा देवी व तुलछाराम के परिजनों ने अभी तक कोरोना जांच ही नहीं करवाई।

एक महिला का गुरुवार को ऑक्सीजन लेवल कम हो गया। उसे बावड़ी सीएचसी में उपचार के बाद घर भेज दिया। पूनियों की बासनी सरपंच हरिराम चौधरी ने बताया कि संक्रमित क्षेत्र को सेनेटाइजर करवाया है। मास्क बांटे गए हैं। शुक्रवार को पुनः हाइपोक्लोराइड का छिड़काव किया जाएगा। बीएलओ प्रेमाराम मेघवाल ने बताया कि पॉजिटिव एक्टिव केसों की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी है। आगे आदेश मिलने के बाद कोई कार्यवाही की जाएगी।
किस मृतक के परिवार में कितने पॉजिटिव

  • वीरेंद्र कुमार 15 परिजन
  • रुकमा देवी 3 परिजन
  • मदरूपराम 3 परिजन
  • तुलछाराम का बेटा और इनके अलावा 14 पड़ोसी भी आए पॉजिटिव

घर जाकर सैंपलिंग करना असंभव

  • मृतकों के परिजन जो पॉजिटिव आए हैं, उनको कल दवाइयां उपलब्ध करवाकर होम आइसोलेट किया जाएगा। सीएचसी पर रोजाना 200 से अधिक लोगों की सैंपलिंग की जा रही है। हरेक के घर जाकर सैंपलिंग करना असंभव है। - डाॅ. अनिल चौधरी, कोविड प्रभारी
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