पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

जोधपुर संभाग में ‘पालनहार’ के ये हाल:कोरोना में अनाथ हुए 86 बच्चों ने मांगी मदद, मिली महज 2 को ही, 613 विधवाओं में से 186 के आवेदन ही अब तक स्वीकृत

जोधपुर24 दिन पहलेलेखक: प्रवीण धींगरा
  • कॉपी लिंक
प्रतिकात्मक तस्वीर - Dainik Bhaskar
प्रतिकात्मक तस्वीर

कोरोना में बच्चे अनाथ हुए तो बड़ी संख्या में महिलाएं विधवा हुईं। सरकार इन्हें संबल के लिए योजना भी लेकर आई, लेकिन जितनी तेजी से कोरोना फैला, जान ली, उतनी तेजी से मदद इन मासूमों व पीड़िताओं तक नहीं पहुंच सकी है। यह खुलासा उस समय हुआ जब मुख्य सचिव ने कोरोना पालनहार व कोरोना विधवा योजना के आंकड़े मांगे।

जोधपुर संभाग के आंकड़े सामने आए तो पता चला कि संभाग के छह जिलों में सर्वे के बाद चयनित 86 अनाथ बच्चों को आर्थिक मदद के लिए आवेदन तो ले लिए गए, स्वीकृत अभी तक 2 ही किए गए हैं। इधर, कोरोना में पति को खोने वाली संभाग की 613 महिलाओं में से सहायता के लिए अभी तक 186 के ही आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। मासूमों तक मदद पहुंचाने के मामले में सरकारी विभागों व अधिकारियों की उदासीनता का ये हाल है कि महज बाड़मेर जिले ने ही दो आवेदन स्वीकृत किए हैं। शेष 5 जिलों में 1 भी आवेदन अभी तक स्वीकृत नहीं किया गया है।

दरअसल, कोरोना से जान गंवाने वालों के आश्रितों के लिए राजस्थान सरकार नई योजना लेकर आई थी। जिन परिवारों के कमाने वाले सदस्य की कोरोना से मौत हुई है, उनके लिए गहलोत सरकार ने सोशल सिक्योरिटी स्कीम के तहत घर के कमाऊ सदस्य की मौत होने और बच्चों के अनाथ होने की स्थिति में उस परिवार की मदद की जाएगी।

कई विभागों ने मिलकर इसकी नीति बनाई। इसके बाद प्रदेशभर में सर्वे किए गए और अनाथ बच्चों व विधवाओं को जिलेवार सूचियां तैयार कर सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के माध्यम से आवेदन भरवाए गए। तय किया गया कि आवेदन के एक माह में सहायता मुहैया करवा दी जाएगी।
अनाथ बच्चों के लिए पालनहार योजना
कोरोना महामारी से माता-पिता दोनों की या एकल जीवित की मृत्यु होने के कारण अनाथ हुए बच्चों को मुख्यमंत्री कोरोना बाल कल्याण योजना में केंद्र सरकार की योजना के अलावा अनाथ बालक-बालिकाओं को तत्काल 1 लाख रुपए, 18 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह 2500 रुपए, 18 वर्ष पूरे होने पर 5 लाख रुपए की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाएगी।
विधवाओं को मिलने हैं ये लाभ
कोविड-19 से पति की मृत्यु होने से विधवा हुई महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जानी है। इसके अंतर्गत 1 लाख रु. एकमुश्त राशि, 1500 रु. प्रति माह विधवा पेंशन, विधवाओं के बच्चों को 1000 रुपए प्रति बच्चा प्रति माह और विद्यालय की पोशाक व पाठ्यपुस्तकों के लिए सालाना 2000 रुपए की सहायता दी जाएगी।

संभागीय आयुक्त ने कहा, एक सप्ताह में मंजूर हो सारे आवेदन
सभी छह जिलों के आंकड़े मुख्य सचिव के सामने आने के बाद संभागीय आयुक्त डॉ. राजेश शर्मा ने इन जिलों के कलेक्टर्स से कहा है कि आवेदन मिलने और स्वीकृत करने का आंकड़ा शत-प्रतिशत एक समान कर एक सप्ताह में सरकार की गाइडलाइन के तहत सहायता की प्रक्रिया पूरी की जाए।