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90 फीट नीचे मौत को हराकर आया:राजस्थान के जालोर में बोरवेल में फंसा 4 साल का बच्चा रात 2.20 बजे सुरक्षित निकाला, स्थानीय जुगाड़ ही आया काम; माधाराम ने 25 मिनट में ही किया रेस्क्यू

सांचौर (जालोर)3 महीने पहले
बोरवेल से मासूम को सकुशल बाहर निकला गया।

राजस्थान में जालोर जिले के लाछड़ी गांव में बोरवेल में फंसे बच्चे को गुरुवार देर रात सुरक्षित निकाल लिया गया। रेस्क्यू में लगी NDRF की टीम को कामयाबी नहीं मिली। इस पर स्थानीय माधाराम ने रात करीब 2.20 बजे बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया। माधाराम ने करीब 25 मिनट में ही बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया। यह रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 16 घंटे तक चला। बोरवेल में यह बच्चा गुरुवार सुबह गिर गया था और 90 फुट की गहराई पर जाकर फंस गया था।

ठेठ देसी ‘जुगाड़ी बोस’ ने कैसे बोरवेल से निकाला बच्चा:NDRF और प्रशासन के सभी जतन बेकार हुए तो कुएं से मोटर निकालने वाले माधवराम ने लगाया देसी जुगाड़, 25 मिनट में 4 साल के मासूम को 90 फीट के बोरवेल से निकाला

घटना लाछड़ी गांव में नगाराम देवासी के खेत की है। जहां नया बोरवेल खुदवाया गया था। कच्चे बोरवेल को ऊपर से ढंका हुआ था। गुरुवार सुबह करीब सवा दस बजे नगाराम का 4 साल का बेटा अनिल खेलते हुए बोरवेल के अंदर झांकने लगा। इस दौरान संतुलन बिगड़ा और वह अंदर जा गिरा। निकट ही खड़ा एक परिजन उसे अंदर गिरते देख जोर से चिल्लाया। तब तक काफी देर हो चुकी थी।

गांव वाले अपने स्तर से बच्चे को निकालने के प्रयास में जुटे रहे।
गांव वाले अपने स्तर से बच्चे को निकालने के प्रयास में जुटे रहे।

गांववालों की देसी जुगाड़ नाकाम रही, तब NDRF को बुलाया गया
बच्चा ऊपर से नजर आ रहा था। इसके बाद उसे बचाने के लिए प्रयास शुरू किए गए। बच्चे की स्थिति देखने के लिए बोरवेल में कैमरा डाला गया। रस्सी से पानी की बोतल पहुंचाई, जिसके बाद बच्चे ने पानी पिया । घटना के 8 घंटे बाद NDRF की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। गांव के लोगों ने पहले देसी जुगाड़ से बच्चे को निकालने की कोशिश की। उन्होंने 10 फीट ऊपर तक बच्चे को खींचा भी, लेकिन वह छूट गया और वापस वह वहीं पहुंच गया।

गनीमत रही कि मासूम अनिल बोरवेल में इस तरह फंसा था कि वह खा-पी सकता था। उसे रस्सी के सहारे नीचे खाना और पानी दिया गया। (फाइल फोटो)
गनीमत रही कि मासूम अनिल बोरवेल में इस तरह फंसा था कि वह खा-पी सकता था। उसे रस्सी के सहारे नीचे खाना और पानी दिया गया। (फाइल फोटो)

अजमेर और गांधीनगर से आई NDRF की टीम को रस्क्यू ऑपरेशन में कामयाबी नहीं मिली तो बच्चे के परिजनों और लोगों ने जिला कलेक्टर से निवेदन किया कि स्थानीय व्यक्ति माधाराम की मदद ली जाए। इस पर करीबन 1 बजकर 55 बजे रेस्क्यू शुरू किया और 2 बजकर 20 मिनट पर बच्चे को बहार निकाल लिया, केवल 25 मिनट में।

कंटेंट व फोटो- ओम प्रकाश विश्नोई, सांचौर