यूपी, एमपी, दिल्ली व बंगाल से लेता था फर्जी सिम:बैंक अफसर बन ऑनलाइन ठगी करने वाला शातिर ठग दिल्ली से गिरफ्तार

जोधपुर10 महीने पहले
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - Dainik Bhaskar
पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
  • एक सिम के पते पर पहुंची पुलिस को मिले कैंसर पीड़ित बुजुर्ग, जाली आईडी कार्ड पर फोटो भी किसी और का लगा था

ऑनलाइन ठगी की वारदातें तो हर रोज हो रही हैं, लेकिन इसका खुलासा कम ही हो पाता है। साइबर क्राइम के एक मामले में पुलिस के साइबर एक्सपर्ट्स और सूरसागर थाने की टीम ने एक-डेढ़ महीने तक केस में इन्वेस्टिगेशन की और उसी के परिणामस्वरूप एक शातिर को दिल्ली से गिरफ्तार किया। यह कई राज्यों में रहकर वहां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम हासिल करता और फिर कॉल करके लोगों के साथ ठगी करता था।

एडीसीपी (वेस्ट) हरफूलसिंह ने बताया कि 21 जनवरी को अभिषेक चौहान की रिपोर्ट पर सूरसागर थाने में एक प्रकरण दर्ज किया गया था। इसमें चौहान ने बताया कि उनके मोबाइल पर किसी शख्स ने एसबीआई हैड ऑफिस से बोलने की बात कहते हुए क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया था। इस चक्कर में शातिर ने परिवादी के खाते से 68149 रुपए निकाल लिए।

साइबर क्राइम से जुड़े इस मामले की जांच के लिए सूरसागर थानाधिकारी प्रदीप शर्मा की अगुवाई में कांस्टेबल सुरेश, राजेंद्र, चैनाराम और डीसीपी (वेस्ट) कार्यालय के कांस्टेबल जसवंतसिंह की विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने एक-डेढ़ महीने तक विभिन्न मोबाइल कंपनियों, बैंकों से लगातार सूचनाएं जुटाई।

इनमें आरोपी की एक सिम में दर्शाए गए मध्यप्रदेश के एक पते पर पुलिस टीम भेजी गई, तो पता चला कि उस नाम के बुजुर्ग तो कैंसर पीड़ित हैं और सिम लेने के लिए दी गई आईडी पर लगी फोटो भी उनकी नहीं है। इसी तरह, एक सिम किसी महिला के नाम से ली गई थी, लेकिन उनकी फोटो भी असली महिला की बजाय किसी अन्य की लगाई गई थी। यानी दोनों ही सिम जाली दस्तावेजों के आधार पर ली गई थी।

ऑनलाइन वॉलेट व कई बैंक से ली जानकारी
परिवादी के क्रेडिट कार्ड से किए गए ट्रांजेक्शन की जानकारी लेने पर संबंधित कंपनी का पता चला। उस कंपनी से रुपए ट्रांसफर होने वाली अंतिम कड़ी तक की जानकारी जुटाई, तो पश्चिम बंगाल व दिल्ली के पते मिले। टीम को इस वारदात को अंजाम दिए जाने के पुख्ता सुराग मिले।

इसी आधार पर पुलिस टीम दिल्ली गई और वहां से मूलतया: पश्चिम बंगाल के हुबली हाल दिल्ली के बिंदापुर थानांतर्गत उत्तम नगर गली नंबर 3 महावीर एन्क्लेव पार्ट-3 निवासी हितेष पुत्र प्रभास बेरा को गिरफ्तार किया। पुलिस उससे पूछताछ कर गिरोह में शामिल अन्य बदमाशों के बारे में पता लगाने का प्रयास कर रही है।

एक से दूसरे राज्य में पहुंच जाता शातिर
जांच अधिकारी शर्मा के अनुसार आरोपी हितेष कभी दिल्ली तो कभी यूपी, एमपी व प. बंगाल में ठिकाने बदल-बदलकर रहता। ये जहां रहता, वहां दूसरों के नाम के आईडी जुटाकर फोटो इत्यादि बदल देता। इन्हीं कूटरचित आईडी से वह एक राज्य से सिम लेता और उसका उपयोग दूसरे राज्य में लोगों को कॉल करके बैंक अधिकारी बन बात करता और अपने जाल में फंसाकर खातों से रुपए उड़ा लेता था।

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