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न्यायपालिका में खाली पदों की चिंता:हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए केंद्रीय विधि मंत्री से मिले अधिवक्ता

जोधपुर2 महीने पहले
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केंद्रीय विधि मंत्री किरेन रिजिजू। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
केंद्रीय विधि मंत्री किरेन रिजिजू। (फाइल फोटो)
  • 50 जज क्षमता के मुकाबले 23 ही कार्यरत 15 माह में 7 और रिटायर होंगे

राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय विधि मंत्री किरेन रिजिजू से भेंट कर राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्तियां करवाने का आग्रह किया। एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नाथूसिंह राठौड़ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय विधि मंत्री को विस्तृत मांग पत्र भी सौंपा। मांग पत्र में बताया कि राजस्थान हाईकोर्ट में 50 की क्षमता के विरुद्ध अभी मुख्य न्यायाधीश सहित केवल 23 न्यायाधीश ही कार्यरत हैं।

इनमें से भी अगले 15 महीनों में करीब 7 न्यायाधीश सेवानिवृत्त हो जाएंगे। ऐसे में आने वाले 15 महीनों में न्यायाधीशों की संख्या घटकर 16 ही रह जाएगी। इसके विपरीत हाईकोर्ट में मुकदमों की संख्या दिनोदिन बढ़ती जा रही है। नतीजतन जनता को त्वरित न्याय मुहैया करवाने की संवैधानिक जिम्मेदारी भी न्यायपालिका नहीं निभा पा रही। पत्र में बताया कि राजस्थान हाईकोर्ट में अधिवक्ता कोटे से अंतिम नियुक्ति नवंबर 2019 में हुई थी।

इसके बाद न्यायिक अधिकारी कोटे से न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई, लेकिन इनमें से अधिकांश का कार्यकाल काफी छोटा है। ऐसे में एसोसिएशन ने वकील कोटे से न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार एवं अन्य स्तर पर लंबित प्रक्रिया को गति देने का आग्रह किया।

हर सुझाव का स्वागत

रिजिजू ने कहा कि राजस्थान में अधिवक्ताओं एवं न्यायपालिका की बेहतरी के लिए हर सुझाव का स्वागत है और इसे जल्द से जल्द मूर्त रूप देने का प्रयास किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के सदस्य देवेंद्र सिंह मेहलाना, पूर्व राजकीय अधिवक्ता जयप्रकाश भारद्वाज, टीसी शर्मा व अधिवक्ता रविपाल सिंह शामिल थे।

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