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पहली आवासीय योजना से खजाना भरने की निगम की कवायद:9 साल के लंबे इंतजार के बाद, निगम की पहली आवासीय योजना की ली सुध,  बचे हुए 423 भूखंड में से 17 की नीलामी कर रहा है निगम

जोधपुर2 महीने पहले
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इस योजना में भूखंडों की नीलामी कर निगम अपना खाली खजाना भरने की कवायद कर रहा है। - Dainik Bhaskar
इस योजना में भूखंडों की नीलामी कर निगम अपना खाली खजाना भरने की कवायद कर रहा है।

जोधपुर नगर निगम के पहली व आवासीय योजना अपनी बसावट का पिछले 9 सालों से इंतजार कर रही है। करोड़ों रुपए खर्च कर 2012 में नगर निगम के कांग्रेस बोर्ड ने इस योजना की शुरुआत की थी। लेकिन बोर्ड बदलते ही इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया। जोधपुर के उत्तर नगर निगम में कांग्रेस बोर्ड होने से इस योजना की ओर उत्तर नगर निगम का फिर से ध्यान गया। इस योजना में भूखंडों की नीलामी कर निगम अपना खाली खजाना भरने की कवायद कर रहा है।

योजना की शुरुआत में कुल आवंटित प्लॉट में से 423 प्लोट का आवंटन शेष रह गया था अब निगम 17 प्लॉट की नीलामी कर शुरुआत करता नजर आ रहा है। इधर जिन लोगों ने इस योजना में अपना पैसा डाला है वह पिछले 9 सालों से पेरशान है। निगम की नीलामी से अब उन्हें थोड़ी-बहुत उम्मीद जगी है। इधर निगम भी आवासीय योजना की सड़कों पर डामरीकरण करवा रहा है। पानी बिजली और सीवरेज के लिए भी कवायद तेज कर दी है। ऐसे में देखना यह है कि इस बोर्ड के बचे आधे कार्यकाल में यह योजना सीरे चढ़ पाएगी या फिर यह कवायद भी मात्र औपचारिकता ही रहेगी।

2012 में लांच हुई थी योजना, 983 भूखंड में से 580 आवंटित हो गए 423 बाकी

गांधी नगर आवासीय योजना की लॉन्चिंग फरवरी 2012 को हुई थी। लेकिन पिछले 9 वर्षों से उपेक्षा की मार झेल रही है। साथ ही इस योजना के तहत भूखंड लेने वाले भी यहां आकर बसने में रुचि नहीं दिखा रहे इसका बड़ा कारण यह है कि इस आवासीय योजना में मूलभूत सुविधाओं को लेकर इन पांच वर्षों में कोई कार्य ही नहीं हुआ। छह सेक्टरों में विभाजित इस योजना में कुल 983 रहवासी भूखंड है जिसमें से 580 आवंटित भी हो चुके बावजूद इसके वर्तमान में १२ सौ बीघा जमीन उजाड़ पड़ी है।

सवा चार करोड़ किया खर्च, सड़क व लाईटों के लिए अब जगा निगम

निगम ने इस आवासीय योजना में मूलभूत सुविधाओं पिछले बोर्ड ने करीब सवा चार करोड़ रुपए खर्च किए थे। इसमें रोड नेटवर्क से लेकर रॉक कटिंग तक के सभी कार्य किए गए थे। लेकिन 9 वर्षों से न तो सड़क बनी न ही सड़क लाईट लगी थी। नगर निगम उत्तर अब हरकत में आया है और सड़क निर्माण का काम शुरु किया गया है। इस आवासीय योजना में सीवरेज ट्रिटमैंट प्लांट तक की घोषणा की थी लेकिन सीवरेज लाईन तक नहीं बिछी है।

एम्यूजमेंट पार्क और पहाड़ी पर स्टेपिंग गार्डन भी प्रस्तावित

योजना में कुछ भूखंड पार्क, स्कूल व मॉल के लिए आरक्षित है । योजना के मुताबिक रहवासीय क्षेत्र में सार्वजनिक पार्क व हरियाली के लिए योजना की कुल भूमि का लगभग 15 .75 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित रखा गया है। कुल 200 बीघा जमीन में से 86.54 बीघा रहवासीय, 0.19 बीघा पार्किग, 11.33 बीघा पार्क,1.59 बीघा स्कूल व 3.80 बीघा वाणिज्यिक उपयोग के लिए है और 76.88 बीघा क्षेत्र में सड़कों का निर्माण हुआ है।

सेक्टर ई व डी के 17 भूखंडों की नीलामी

नगर निगम आयुक्त उत्तर राजेंद्र सिंह कविया ने बताया कि गांधी नगर आवासीय योजना के 17 भूखंडों की नीलामी आज हुई। उन्होंने बताया कि योजना के सेक्टर डी व ई के 8 भूखंडों की नीलामी आज हुइ है। यह सभी भूखंड 1500 से 1800 वर्ग फ़ीट के है, वही सेक्टर ई के 9 भूखंडों की नीलामी 30 सितंबर को की जाएगी। यह सभी भूखंड 1250 व 1500 वर्ग के होंगे। उन्होंने बताया कि सफल बोली दाताओं को 15% राशि तीन कार्य दिवस के भीतर जमा करानी होगी, वही कॉर्नर प्लॉट के लिए 10% अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

पीएचईडी को पांच करोड़ देने होंगे

आयुक्त उत्तर ने बताया कि निगम की पहली आवासीय योजना गांधीनगर आवासी योजना में पेयजल के लिए पीएचईडी के अधिकारियों से 5 करोड़ का मांग पत्र प्राप्त हुआ है। जो नगर निगम की ओर से दिया जा रहा है। पीएचइडी की ओर से पूरी कॉलोनी में पाइप लाइन बिछाने के साथ ही एक उच्च जलाशय का निर्माण भी किया जाएगा, वही कॉलोनी में विद्युतीकरण कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। योजना में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा, साथ ही स्कूल और मनोरंजन पार्क के लिए भी जगह चिन्हित की गई है।

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